सिनोदिया गांव की चारागाह भूमि में अवैध बोरिंग से चोरी के पानी से नमक बनाने का मामला, जिला कलेक्टर ने एसडीएम से रिपोर्ट मांगी

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तहसीलदार मौके पर पहुंचीं, बोलीं-पूरे चरागाह में चारों तरफ अवैध बोरिंग व पाइपों के जाल बिछे हैं, जल्द हटाएंगे

मदनगंज-किशनगढ़ । सिनोदिया गांव में पांच हजार बीघा सरकारी चरागाह भूमि पर एक हजार से ज्यादा अवैध पानी चोरी कर नमक मामले में जिला कलेक्टर दीक्षित ने तहसीलदार बोरिंग से बनाने के डॉ भारती से रिपोर्ट तलब की है। इस पर तहसीलदार कीर्ति भारद्वाज मंगलवार की दोपहर को नायब तहसीलदार, पटवारी के साथ चरागाह भूमि पर पहुंची। मौके पर बारिश के पानी की वजह से फिसलन हो गई। अधिकारियों को बोरिंगों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। तहसीलदार भारद्वाज का कहना है कि पूरे चरागाह में ही चारों तरफ अवैध बोरिंग और पाइपों के जाल बिछे है। इन्हें हटाने में लंबा समय लगेगा। हालांकि माफिया व उनके सदस्य भूमिगत हो गए, इसलिए कोई मौके पर नहीं दिखा। अब विभिन्न विभागों की टीमें मिलकर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इसके लिए रूपनगढ़ तहसीलदार कीर्ति भारद्वाज के नेतृत्व में जलदाय विभाग चरागाह भूमि को मुक्त कराने के लिए ग्राम पंचायत, सोलर हटाने के लिए बिजली विभाग और सुरक्षा के लिए पुलिस जाप्ते की मांगा है। तहसीलदार ने रिपोर्ट देकर बताया कि विभिन्न विभागों के संयुक्त टीम बनाकर ही मौके पर कार्रवाई संभव है। क्योंकि इतने बड़े भाग में अवैध बोरिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारी पुलिस लवाजमे की भी जरूरत पड़ेगी। प्रशासन के कार्रवाई की भनक लगने के बाद अवैध बोरिंग से पानी चोरी कर नमक बनाने वाले माफिया भूमिगत हो गए। मंगलवार को एक भी बोरिंग चालू नहीं दिखी और ना ही उसके आसपास माफिया गिरोह के लोग थे। प्रशासन की कार्रवाई के डर से खरड़ों पर भी सत्राटा पसरा रहा।

चरागाह भूमि को मुक्त कराने के लिए ग्राम पंचायत, सोलर हटाने के लिए विद्युत निगम और माफियाओं की दबंगाई, इसलिए भारी पुलिस लवाजमा चाहिए

हर 20 दिन में… 15 हजार टैंकर चोरी के पानी से ₹30 करोड़ का नमक उत्पादन

मदनगंज-किशनगढ, सिनोदिया की चरागाह भूमि पर मौका मुआयना करने पहुंची तहसीलदार कीर्ति भारद्वाज व अन्य अधिकारी

नमक बनाने वाले माफिया भूमिगत, बोरिंग बंद रहे, खरड़ों में मजदूर नहीं

सिनोदिया में पांच हजार बीघा सरकारी चरागाह भूमि पर करीब एक हजार अवैध बोरिंग है। गांव की दोनों तरफ सड़कों से होकर पानी के पाइपों के जाल बिछे नजर आ जाते है। माफियाओं का इतना आतंक है कि कोई आवाज उठाने में भी डरता है। एक दो वाहनों में विभागों के अधिकारी भी जाने से डरते है। इसलिए इतनी बड़ी कार्रवाई के लिए कलेक्टर से भारी जाप्ते के साथ सभी विभागों का सहयोग मांगा गया है। जखीरा इतना कि एक महीना लग जाएगा जब्त करते करते ग्रामीणों का कहना है कि चरागाह भूमि पर बोरिंग, सोलर से लेकर उनके पाइपों का जखीरा इतना ज्यादा है कि एक महीना उन्हें जब्त करने में लग जाएगा। ट्रेक्टर, डम्पर भी कम पड़ जाएंगे। क्योंकि बोरिंग का पानी पाइ‌पों के जरिये 15 से 20 किलोमीटर दूर तक ले जाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हमेशा बोरिंगों पर काफी संख्या में माफिया के सदस्य नजर आते है। लेकिन मंगलवार को बोरिंग बंद रही। पूरे मैदान खाली मिले। यहां तक की खरड़ों में भी मजदूर नहीं गए।

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