ई.टी.डी.सी. में भ्रष्टाचार और अनियमितता का खुलासा!

0
120
- Advertisement -

सरकारी संपत्ति का बड़ा नुकसान

जयपुर। जब बाढ़ ही खेत को खाए, तो रखवाली करे कौन—यह कहावत भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी परीक्षण तथा विकास केंद्र (ई.टी.डी.सी.), मालवीय औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर में हो रहे भ्रष्टाचार और गंभीर अनैतिक गतिविधियों को बयां करती है। ई.टी.डी.सी. की वरिष्ठ निदेशक, मीनाक्षी ज्वाला पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी संपत्ति को भारी क्षति पहुंचाई है और अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इसका उपयोग किया है।

सरकारी आवास का अनुचित उपयोग

मीनाक्षी ज्वाला को ई.टी.डी.सी. स्टाफ कॉलोनी, सेक्टर 1, मालवीय नगर, जयपुर में टाइप 5/1आवास आरक्षित है, लेकिन इसके बावजूद वह इस आवास में न रहकर अपने निजी आवास में रह रही हैं। इस कारण से हाउस रेंट अलाउंस (एच.आर.ए.) का भरपूर लाभ उठा भी उठा रही है। यह भी ज्ञात हुआ है की ई.टी.डी.सी. स्टाफ कॉलोनी के सभी सरकारी आवास खाली पड़े हैं और उनमें से कई को भारी नुकसान भी हुआ है।

कॉलोनी में चोरी और तोड़फोड़

ज्वाला की रजामंदी और मिलीभगत के कारण ई.टी.डी.सी. स्टाफ कॉलोनी में सामान चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कॉलोनी के कई क्वार्टर्स से नल, पाइपलाइन, विद्युतकीय उपकरण, पंखे, लाइट बोर्ड, वायर, स्वीच, खिड़की, दरवाजे, और बालकॉनी की रेलिंग चोरी हो चुकी है। इन घटनाओं के कारण कॉलोनी की स्थिति खराब हो गई है, और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

सुरक्षा में कमी और ज्वाला की अनदेखी

जब से मीनाक्षी ज्वाला ने वर्ष 2018 में ई.टी.डी.सी. का चार्ज लिया है, इनकी लापरवाही व अनदेखी केका कॉलोनी की सुरक्षा में काफी कमी आई है। जब कि इनसे पहले के निदेशक उनको आरक्षित 5/1आवास में ही रहते थे जिससे सरकारी सम्पत्ति सुरक्षित रही थी। ज्वाला की लापरवाही के कारण से आज भारत सरकार की सम्पति को भारी नुकसान हो रहा है। इसके लिये ये स्वंय जिम्मेदारी है जब कि इसके विपरीत, पास की आर.बी.आई. कॉलोनी, जो समान समय में बनी थी, अब तक सुरक्षित है क्योंकि वहां 24 घंटे सुरक्षा में चौकीदार तैनात हैं। ई.टी.डी.सी. कॉलोनी में सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ गई हैं।

भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच से बचने के प्रयास

मीनाक्षी ज्वाला ने प्रशासन के मुखिया को ही सतर्कता अधिकारी बना दिया है, जिससे उनके खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्यवाही तथा जाँच नही हो सके। इस कदम से संकेत मिलता है कि वह भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच से बचने का प्रयास कर रही हैं। कॉलोनी में हो रही चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बावजूद, ज्वाला ने कोई सख्त कदम नहीं उठाए हैं, जिससे सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here