संविधान के संरक्षण में न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण-गहलोत

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि देश में संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण करने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान हालात में संविधान द्वारा दी गई स्वतंत्रता को बचाने में न्यायपालिका को अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री शनिवार को नालसा द्वारा आयोजित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अभाव में अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। राज्य विधिक सेवाओं के प्रचार प्रसार विधिक सहायता प्रदान करने,अपराध से पीड़ित को मुआवजा दिलवाने तथा लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का समाधान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही वंचित तबके को न्याय दिलाने तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम में भी इनका महत्व योगदान है । लोक अदालतों ने गरीबों, दलितों, आदिवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और एसिड अटैक पीड़ितों को सहायता दिलवाई है। करो ने कहा कि वकीलों का आजादी के संग्राम में भी बड़ा योगदान रहा है उन्होंने समाज के वंचित तबके को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की अपील की। न्यायपालिकाओं में क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एन वी रमन्ना

सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने कहा कि लोकतंत्र तभी सफल माना जाएगा जब न्याय तक सभी की पहुंच तथा कानून में सभी की भागीदारी सुनिश्चित होगी । उन्होंने कहा कि जब न्याय व्यवस्था तक गरीब की पहुंच रहेगी तभी वह अपने अधिकारों के उल्लंघन पर कानून का उपयोग कर पाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में संविधान की मूल भावनाओं को चिन्हित करते हुए आधुनिक तकनीकों एवं टूल्स का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और नई भर्तियां करने पर भी जोर दिया । जिससे कोर्ट में लंबित मामलों को कम किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू

केंद्रीय विधि मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि कार्यपालिका तथा न्यायपालिका में तालमेल रहेगा तो संविधान में निहित सभी को न्याय का सपना साकार हो पाएगा । उन्होंने कहा कि न्याय का द्वार सभी के लिए खुला होना चाहिए। उन्हें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा संचालित लोक अदालतों की तारीफ करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजन को शीघ्र न्याय मिलने पर राहत मिली है। उन्होंने भी मैचों में क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग करने पर जोर दिया जिससे आमजन को न्यायिक प्रक्रिया की बेहतर समझ हो सके।

समारोह में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उदय उमेश ललित ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की शुरुआत हुए 25 साल हो चुके हैं ।प्राधिकरण ने इन 25 सालों में कई नवाचार किए हैं। समारोह में राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश एसएस शिंदे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

डिजिटल टूल्स लॉन्च

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एंड वी रमन ना द्वारा ईपरिजन पोर्टल फॉर सिटीजन एवं लीगल सर्विस अथॉरिटी के अंतर्गत नवाचार का लोकार्पण किया साथी लीगल एड केसेस मैनेजमेंट पोर्टल एवं मोबाइल ऐप लांच किया।

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