
जयपुर । (लोक टुडे संवाददाता) राज्य सरकार की ओर से विधि विभाग में एक दर्जन जिलों में 50 से अधिक पीपी नियुक्त किए है।
विधि विभाग द्वारा की गई इन नियुक्तियों पर सीनियर एडवोकेट एके जैन ने आपत्ति जताई है । जैन ने कहा कि तीनों पुराने आपराधिक कानून को 30 जून 2024 को समाप्त कर दिया गया है । उसके बाद भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 243 के अंतर्गत की गई पीपी की नियुक्ति गलत है। यह नियुक्ति आदेश दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 243 के अंतर्गत किए गए है जो गलत जारी कर दिए गए।
जबकि यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के अधीन जारी किए जाने थे। नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 186 में प्रावधान है कि नियमित अभियोजन अधिकारी हो उनमें से पीपी लगाने चाहिए । जब तक कि उनको अयोग्य नहीं माना जाए। ऐसे में यह नियुक्तियां और नियुक्ति आदेश गलत साबित हो रहे हैं। सरकार को इसमें संशोधन करना चाहिए और विधि विभाग को उसमें पहल करके कार्रवाई करनी चाहिए।
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