मन का विज्ञान और जीवन प्रबंधन पर समर्पण संस्थान द्वारा व्याख्यान आयोजित

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जयपुर ।विचार रूपी ईंटें ही चरित्र का निर्माण करती है । चरित्र जन्मजात नहीं होता बल्कि बनाया जाता है । इंसान अपने विचारों में गढ़े हथियारों से स्वयं का विध्वंस भी कर लेता है और विचारो द्वारा निर्मित औज़ारों से आनंद और शांति का महल भी खड़ा करता है ।अच्छे विचार स्वयं और समाज के लिए कल्याणकारी होते हैं ।और बुरे विचार इंसान को पतन की ओर ले जाते हैं ।” उक्त उद्गार समर्पण संस्था द्वारा नव वर्ष पर संस्था कार्यालय में आयोजित “मन का विज्ञान और जीवन प्रबंधन “ विषयक व्याख्यान में संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने व्यक्त किये ।
डॉ. माल्या ने पीपीटी प्रजेंटेशन द्वारा मन के विज्ञान और जीवन प्रबंधन की व्याख्या करते हुए कहा कि “ जीवन एक मालवाहक ट्रक की तरह है ।यह हमें तय करना है कि इसमें हम कोयले भरते हैं या हीरे भरते हैं ।समय का पल पल उपयोग करना चाहिए क्योंकि इसे कभी वापस नहीं लाया जा सकता है । हर दिन एक चमत्कार है इसलिए इसको जी भर जियें । हर पल का आनंद ले ।” उन्होंने कहा कि अपना विजन क्लियर रखना चाहिए वह सिंगल पोइन्टेड होना चाहिए । मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल भी ज़रूरत से अधिक नहीं करना चाहिए । यदि उड़ान भरनी है तो मोबाइल को फ़्लाइट मोड़ में डालना ही पड़ेगा । सब में एक परिपूर्ण जीवन जीने की संभावनाएँ हैं । जीवन का प्रबंधन यदि ठीक है तो उत्कर्ष जीवन का निर्माण कर सकते हैं ।


इस अवसर पर डॉ. माल्या ने वर्ष 2024 में संस्था द्वारा किये जाने वाले 12 कार्यक्रमों का तिथिवार कैलेंडर जारी किया ।
इस अवसर पर अतिथियों व संस्था पदाधिकारियों ने आगामी कार्यक्रमों के कैलेंडर का विमोचन किया ।
व्याख्यान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृषि विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक श्री पुखराज मेंशन ने कहा कि “ अंधविश्वास मिटाये और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करें “
अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त आई आर ए एस श्री सी एल वर्मा ने कहा कि “ मन का विज्ञान बहुत महत्वपूर्ण विषय है इसे समझने का प्रयास करें ।“
इस अवसर विशिष्ट अतिथि व्यवसायी पुष्पराज शर्मा व मुकेश जैन के साथ सचिव कमल नयन खण्डेलवाल, वस्त्र बैंक प्रभारी शेखर चन्देल , उपाध्यक्ष हीरा लाल बैरवा , बनवारी लाल मेहरडा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।
मंच संचालन वॉयस ऑवर आर्टिस्ट नवदीप सिंह ने किया ।

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