भाजपा के नहीं सहेगा राजस्थान से वसुंधरा राजे ने किया किनारा

0
80
- Advertisement -

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सीपी जोशी के नेतृत्व में राजधानी जयपुर में पहला बड़ा जन आंदोलन किया गया और इसे नाम दिया गया नहीं सहेगा राजस्थान। पार्टी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के भाजपा कार्यकर्ता और खासतौर पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले टिकटार्थियों ने अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह भी मौजूद रहे सीपी जोशी भी मौजूद रहे नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ,उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया भी रहे और भाजपा के कई नेता भी मौजूद रहे।

लेकिन राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं रही। वसुंधरा राजे 1 दिन पूर्व जयपुर में थी और उन्होंने अमृतानंदमई मां से आशीर्वाद भी लिया था। लेकिन 1 दिन बाद में ही जयपुर में पार्टी का आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम मैं उनका उपस्थित नहीं रहना चर्चा का विषय बना रहा। खास तौर पर उनके समर्थकों को खासा निराशा हाथ लगी। उन्हें मंच पर उनकी नेता नजर नहीं आई। हो सकता है उनकी कोई वसुंधरा राजे की तरफ से किसी तरह की सफाई आ जाए । लेकिन फिलहाल तो उनके समर्थकों में निराशा का संचार हुआ।

सचिवालय कुछ से भी दूर रहे राजे समर्थक

खास बात है कि उनके समर्थक जयपुर के विधायक पूर्व विधायक और पार्टी के कार्यकर्ता मंच पर और मंच के आसपास तो नजर आए। लेकिन जब भाजपा के लोगों ने सचिवालय की ओर कूच किया तो उससे किनारा कर लिया । पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ, सुरेंद्र पारीक सहित कई नेता पार्टी मुख्यालय पर आयोजित जनसभा के बाद लौट गए ।

जाहिर सी बात है कि कहीं न कहीं वसुंधरा राजे का इस सभा में नहीं आना उनके समर्थकों को गहरी चोट पहुंचाया। उनमें इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि कहीं न कहीं पार्टी वसुंधरा राजे को कहीं दरकिनार तो नहीं कर रही है ।या हो सकता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के नेताओं ने वसुंधरा राजे को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित ही नहीं किया हो। जिसके चलते वसुंधरा राजे ने इस कार्यक्रम में आना मुनासिब नहीं समझा ,जितने चेहरे उतनी बात। क्योंकि सब अपने अपने हिसाब से वसुंधरा राजे के नहीं आने के को लेकर कयास लगा रहे हैं। असली कारण तो वसुंधरा राजे ही जाने। लेकिन चुनावों से पूर्व भाजपा के बड़े आंदोलन नहीं सहेगा राजस्थान से वसुंधरा राजे का दूरी बनाए रखना कहीं न कहीं गंभीर विषय है और मामला कुछ गड़बड़ लगता है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here