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बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे?

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इंद्र की हत्या पर समर्पित भावांजलि

जयपुर। ( सोनू बैरवा)

बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे ?आजादी की 75 वीं वर्षगांठ की खुशियां मेरे लिए है कागजी, बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं में कैसे ? स्कूल में मटकी से पानी पी लूं तो ,मिट्टी में मिला दिया जाऊं मैं, जवान होकर मूछें रखू तो सर कलम कर दिया जाए मेरा। ,तो बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे? , बारात मेरी घोड़ी पर निकालूं तो मारपीट और अपना अपमानित कर दिया जाऊं मैं , कहीं-कहीं तो कपड़े और गहने पहनने पर भी अपमान का शिकार हो जाऊं मैं , तो बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे ? पढ़ लिख कर डॉक्टर ,अफसर बन जाऊं तो आरक्षण का भिखारी कहलाहू में , बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं में कैसे ? आरक्षित सीटों पर नेता बन जाऊं ,या मंत्री बन जाऊं तो भी पल -पल अपमान सहू में, पार्टियों को भी गुलाम मूक- लोग पसंद , तो बताओ आवाज उठाओ मैं कैसे, बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे ? बहन ,बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ होता सरेआम, विरोध करो तो बेहया ,बदमाश या बिकाऊ कहलाऊं मैं , बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे? अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने पर विद्रोही कह लाऊं मैं, ,किसी बलशाली का विरोध या अनदेखी करूं तो राशन, पानी बंद कर दिया जाए मेरा, बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे? मौत हो जाए तो मुर्दों को रास्ता ना मिलने पर, अपने खेत या घर के आंगन को श्मशान बनाऊं मैं,  तो बताओ आजादी का अमृत महोत्सव कैसे मनाऊं मैं ? गांव छोड़कर शहरों में भागे ,शहरों में भी अपमान का घूंट रोज पीहूँ में, बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे? मंदिरों में जाऊं तो होता है अपमान, बाबा साहब का जयकारा लगाऊं तो अधर्मी कहलाऊं मैं, बताओ आजादी का अमृत महोत्सव मनाऊं मैं कैसे?

बुद्धिजीवियों आगे आओ, खत्म करो ऊंच-नीच का भेद , मानव -मानव एक समान है, इंसानों में नहीं है कोई भेद , अब तो मन का मेल दूर करो और बन जाओ इंसान,  अब तो आजादी के अमृत महोत्सव का एहसास करा दो मुझको, भी तुम, छोटी सी पहल तुम्हारी बदल देगी सामाजिक ताना-बाना, ना फिर कोई होगा छोटा ,बड़ा ना होगा अगड़ा ,बगड़ा ,तगड़ा , दलित और आदिवासी, जिस दिन होगा मानव-मानव एक समान, तब किसी इंद्र और जितेंद्र तो नहीं देनी होगी जान। जब इंसान- इंसान में नहीं रहेगा कोई भेद, तब मैं भी मनाऊंगा आजादी का अमृत महोत्सव, कहूंगा जय जय मेरा भारत महान ,जय जय मेरा भारत महान।

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