
जयपुर। राजस्थान सरकार में पूर्व मंत्री रहे डॉक्टर महेश जोशी के आवास पर ईडी ने कार्यवाही की है ।बताया जा रहा है कि ईडी में यह कार्यवाही जल धन योजना में टेंडर प्रक्रिया के दौरान कोई फर्जी बिल को लेकर की है । अभी तक टीम ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या घोटाला है और कितना घोटाला है। लेकिन बताया जा रहा है की बिलों में फर्जीवनी पर मंत्री के साइन बताई जा रहे हैं। अब यह जांच के बाद ही पता लग सकेगा कि आखिरकार महेश जोशी इस फर्जीवाडे़ में शामिल है या नहीं, या फिर महेश जोशी के इन फर्जी हस्ताक्षर तो नहीं किए गए हैं ।फिलहाल ईडी की कई टीम महेश जोशी के आवास पर दस्तावेजों की छानबीन कर रही है । हो सकता है महेश जोशी को भी पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया जाए।
ईडी की टीम पूरे दिन भर छापेमारी के बाद पूर्व मंत्री महेश जोशी के घर से खाली हाथ लौट गई है ।ईडी की टीम के जाने के बाद जब मीडिया कर्मियों ने महेश जोशी से बातचीत की तो उन्होंने कहा यह बदले की भावना से की गई कारवाई है। चुनाव से पूर्व भी जल जीवन मिशन मैं घोटाले के आरोप लगाए गए थे । उस समय भी ईडी को कुछ नहीं मिला था और अब भी ईडी को कुछ नहीं मिला है। लेकिन यह जानबूझकर मानसिक रूप से परेशान करने का काम है ।जब राजस्थान में सरकार बदल चुकी है। विभाग का मंत्री उनके पास है, विभाग के कर्मचारी, अधिकारी सब बदल चुके हैं। मंत्री कभी भी मुझ पर लगे आरोपों की जांच करा सकता है। सारी फाइल खंगाल सकते हैं । अगर किसी टेंडर में गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर सकते हैं, जो दोषी है उन्हें गिरफ्तार करें ।उन पर एक्शन करें ,कार्यवाही करें ,लेकिन यह सब नहीं करके बार-बार ईडी की टीम को भेजना राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है। यह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के समान है और राजनीतिक छवि खराब करने का सरकार का प्रयास है । लेकिन इस कार्यवाही को देश की जनता और प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझ रही है। क्योंकि ईडी की कार्रवाई में मिल कुछ नहीं रहा है लेकिन ईडी की टीम बार-बार आकर इस तरह से परेशान जरूर कर रही है। हम चाहते हैं कि जो करना है एक बार कर ले रोज-रोज परेशान करने से अच्छा है। मानसिक रूप से प्रताड़ित करना राजनीतिक रूप से प्रताड़ित करना और बदनाम करना सबसे गंदा काम है और सरकार के सारे पर इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है जो सालासर गलत है राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से सिर्फ कहने मात्र से करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप लगाने मात्र से बार-बार रेड की कार्यवाही की जा रही है और रेट में आज तक मिला कुछ भी नहीं है इसके बावजूद बार-बार रेड करने से मानसिक और सामाजिक प्रतिष्ठा जरूर धूमिल हो रही है।












































