सम्मानित प्रतिभाओं के नाम चयन कमेटी हुई फेल साबित
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
नावां सिटी। (मनीष पारीक वरिष्ठ संवाददाता ) देश के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारों के लिए यूडीएच मंत्री उन्हें घर देने व कई प्रकार की सुविधाएं देने की घोषणाएं करते है लेकिन उसका उलट ही पत्रकारों को अपमान भी करने से राजनीतिक पार्टियों के सिपहसालार बने बैठे लोग नही चूकते है।
नावां शहर में उपखण्ड स्तर पर प्रतिभाओं के सम्मान को लेकर गठित कमेटी निर्णय नहीं कर पाई
इसी प्रकार नावां शहर में आज उपखण्ड स्तर पर प्रतिभाओं के सम्मान को लेकर गठित कमेटी यह तक देर रात तक तय नही कर पाई की किसे सम्मानित करना है और किसे नही करना है। शाम के वक्त एक सम्मानित प्रतिभाओ की लिस्ट जारी की गई उसमे 64 व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक किए गए उसके बाद चला राजनीतिक उठा पटक का दौर जिसके बाद उन्ही 64 व्यक्तियों के नामों में फेरबदल किया गया जिसमे कुछ लोगो के नाम हटाकर नए नाम जोड़े गए। इस प्रकार पहले जारी लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई सम्मानित व्यक्तियों के नाम देख कर उनके परिचितों ने उन्हें शुभकामनाएं भी दी लेकिन फिर जैसे ही देर रात्रि में संसोधित दूसरी लिस्ट जारी की गई उसमे 64 की जगह 65 व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए । दूसरी लिस्ट में पहले लिस्ट में जुड़े कई व्यक्तियों के नाम हटा दिए गए जिससे उन्हें उपखण्ड स्तर पर मिलने वाला सम्मान उपखण्ड स्तर पर अपमानित करने वाला सम्मान साबित हुआ। नावां के इतिहास का भाजपा बोर्ड में यह पहला ऐसा वाकया है जो पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान छोड़ गया। 65 व्यक्तियों के सम्मान की जगह 64 का सम्मान किया गया। एक नेशनल न्यूज़ चैनल का नाम भी सम्मानित प्रतिभाओं की दोनो लिस्टो में नाम था लेकिन नगरपालिका के भाजपा बोर्ड के किसी सदस्य की कारस्तानी से मंच से नाम अलाउंस नही करवाया गया। सूत्रो से मिली जानकारी अनुसार न्यूज़ चैनल के पत्रकार का नाम लिस्ट से हटाने के लिए पालिका बोर्ड के सदस्य को एड़ी चोटी का जोर रात भर लगाना पड़ा उच्च स्तर से राजनीतिक दबाव दीलवाने पड़े फिर भी लिस्ट से नाम नही हटवाया पाया बस जोर इतना ही चल सका कि मंच संचालनकर्ता को जो लिस्ट दी गई उसमे उस पत्रकार के नाम के ऊपर पेन से क्रॉस मार्क करके उपखण्ड कार्यालय के कार्मिक पर दबाव बनाकर भिजवाई गई व संचालनकर्ता को आगाह करते हुए नाम अलाउंस नही करने की हिदायत दी गई। नावां में भाजपा बोर्ड ने एक काला अध्याय लिखते हुए नया चलन व नई परिपाटी को जन्म दिया है। सीधा मीडिया को चेलेंज करने का कार्य करने की हिम्मत दिखाई गई है। आने वाले समय में नगरपालिका, नगरपरिषद ,पँचायत राज आदि की चुनाव होने है, उस समय इस घटना क्रम को भुनाया जाएगा, जिसका खामियाजा सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी के प्रत्याशियों को भुगतना पड़ सकता है। नावां नगरपालिका बोर्ड के द्वारा करवाएं गए काले कारनामे जगजाहिर है और फर्जी पट्टा प्रकरण के मामले भी पुलिस में लंबित चल रहे है ।साथ ही अगर नावां नगरपालिका की उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच करवाई जाए तो करोड़ों रूपये के घोटालो का पर्दाफाश हो सकता है। नावां में इस बोर्ड द्वारा करोड़ों रूपये के टेंडर निकाले गए और करोड़ों रुपये कार्यो में लगाये गए लेकिन नावां की जनता से पूछने पर यही जबाब मिलता है कि करोड़ो रूपये लगा कर काम क्या किया गया? शहर की सड़कें, नालियां पालिका प्रसाशन व इस बोर्ड की कार्यशैली को उजागर कर रही है। हर तरफ साफ सफाई के लिए हाहाकार मचा हुआ है लेकिन सुनने वाला यह कोई नही है। नावां में भाजपा की गुटबाजी का यह जीता जागता उदाहरण है।
इनका कहना- सम्मानित प्रतिभाओं की लिस्ट में मीडिया कर्मी का नाम था और उसे सम्मानित नही किया जाना बेहद ही दुर्भाग्य पूर्ण है। ऐसा हमारे समय मे तो कभी नही हुआ। यह तो प्रेस को चैलेंज करने का कार्य किया गया है और जिसने भी यह कार्य किया वह ओछी मानसिकता को दर्शाता है।
महेंद्र चौधरी- पूर्व उपमुख्य सचेतक
