
बारां ,मांगरोल। ( नवल गोड संवाददाता) बारां कचरा संग्रहण के वाहन चालकों ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। वाहन चालकों का आरोप है कि ठेकेदार सरकार से पूरी मजदूरी उठाते हैं लेकिन वह कचरा उठाने वाले वाहनों के ड्राइवर को मात्र ₹5000 ही देते हैं । वह भी समय पर नहीं देते हैं ।इसलिए राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें और ठेकेदारों को न्यूनतम मजदूरी देने के लिए पाबंद करें । कचरा संग्रहण करने वाले वाहन चालकों के अचानक पुराने सिविल लाइंस स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से हड़कंप मच गया। करीब एक दर्जन कचरा वाहन चालक टंकी पर चढ़े हुए हैं ,जो नगर परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं । नीचे लोग खड़े हैं जो उनको समझने की कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि जब तक नगर परिषद की ओर से उन्हें भरोसा नहीं दिया जाता है कि ठेकेदार को इस बात के लिए पाबंद किया जाएगा कि वह उन्हें उनकी न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करेंगे ,तब तक वह टंकी से नहीं उतरेंगे ।
आपको बता दें कि यह मामला पूरे देश का ही है, जहां पर जो भी कार्य ठेके पर दिया गया है, वहां पर ठेकेदार अपनी मनमर्जी से गरीबों का शोषण करते हैं और उन्हें 5 से 6000 कहीं पर ₹8000 का भुगतान करते हैं । जबकि सरकार से वह एक कचरा वाहन चालक का करीब 12 से 15000 का उठाते हैं। इसलिए सरकार को ऐसे लोगों को पाबंध करना चाहिए और एक न्यूनतम मजदूरी जो फिक्स कर रखी है कम से कम उसका भुगतान होना चाहिए ऐसा वाहन चालकों का कहना है । पुलिस प्रशासन और नगर परिषद के लोकगीत मौजूद है जो वाहन चालकों को समझने की कोशिश कर रहा है।

















































