दलित महिला से दरिंदगी विरोध करने पर जिंदा जलाया

0
86
- Advertisement -

बालोतरा। खबर बाड़मेर के बालोतरा से है जहां एक दलित विवाहिता के साथ शकूर खान नाम के व्यक्ति ने दिनदहाड़े रेप किया विरोध करने पर थिनर डालकर जिंदा जलाया। शुक्रवार 12:00 को जोधपुर के एमजीएम अस्पताल में पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया ।उसे शुक्रवार रात को ही रात 8 बजे भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजश्री बेहरा ने बताया कि चेहरे गर्दन छाती पीट हाथों का आगे का पूरा हिस्सा 60%तक जल गया था ।अंदर की नसें जल चुकी थी, हालात ऐसी थी की पीड़िता के साथ दुष्कर्म और जिंदा जलाने की घटना होने के 29 घंटे तक इलाज के लिए वह एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक सफर करती गई। कुछ परिजनों ने लाज शर्म के चलते पहले निजी अस्पताल को दिखाया, फिर सरकारी अस्पताल, पुलिस की बेशर्मी भी खुलकर सामने आई । पुलिस ने मामले को टालना चाहती थी, मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक मदन प्रजापत में हस्तक्षेप करके पीड़िता को जोधपुर अस्पताल रेफर कराया ।उसके बाद भाजपा ने आंदोलन की बात कही ।मृतका की मौत के बाद परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया।

मामला 6 अप्रैल का बताया जा रहा है करीब 1:30 शकूर नाम खान नामक युवक ने महिला को घर में अकेली देखकर दुष्कर्म किया विरोध करने पर वहां पढ़ा थिरनर डालकर जिंदा जला दिया। चिल्लाने की आवाज सुनकर छोटी बहन बचाने भागी। जब उसने शकूर को पकड़ने की कोशिश की वह उसे धक्का देकर भाग गया ।इसके बाद छोटी बहन ने अपने जीजा को फोन करके घटना की जानकारी दी। उसके बाद मृतका के पति और परिजन मृतक को अस्पताल लेकर गए। बालोतरा के निजी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन परिजनों ने अस्पताल संचालकों को पूरी जानकारी नहीं दी। पीड़िता का इलाज शुरू किया पर पुलिस को नहीं बताया ।अस्पताल पहुंची पुलिस को पीड़िता नहीं मिलने पर पुलिस वापस खाली हाथ लौट गई ।लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और पुलिस का असंवेदनशील चेहरा सामने आया। उसने आरोपी शकूर खान को ढूंढने की कोशिश नहीं की। विधायक मदन प्रजापत के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को जोधपुर रेफर किया गया। इस दौरान पचपदरा के डीएसपी मदन लाल मीणा गए। उन्होंने पीड़िता के बयान दर्ज किए ।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया ।उसका मेडिकल कराया गया ।लेकिन आरोपी के चेहरे पर किसी तरह की शिकन नहीं दिखाई दी। खास बात है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में किसी तरह का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। दलित समाज के लोगों का कहना है कि दलितों के साथ इस तरह की वारदातें लगातार बढ़ रही है लेकिन सरकारी तंत्र की कमी के कारण इस तरह की वारदातें बढ़ रही है जंत

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here