जोधपुर में ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़: 19 साल का जीशान गिरफ्तार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जोधपुर से नितिन मेहरा

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को दे रहा था ‘कट्टरपंथ का जहर’

जोधपुर। राजस्थान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। शहर के नई सड़क इलाके से 19 वर्षीय जीशान को गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार प्रतिबंधित संगठन ISIS से जुड़े पाए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई आंध्र प्रदेश और राजस्थान पुलिस के एक साझा ऑपरेशन का नतीजा है।

 

विजयवाड़ा से जुड़े तार

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) पुलिस ने हाल ही में ISIS से जुड़े एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था। सघन पूछताछ में उस संदिग्ध ने जोधपुर निवासी जीशान के नाम और उसके खतरनाक मंसूबों का खुलासा किया। इस सूचना पर विजयवाड़ा पुलिस की टीम जोधपुर पहुंची और मंगलवार देर शाम सदर बाजार थाना पुलिस की मदद से जीशान को उसके ठिकाने से दबोच लिया।

डिजिटल ‘ब्रेनवॉश’ का मास्टरमाइंड

थाना अधिकारी माणक राम के अनुसार, जीशान का मुख्य काम सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहकर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करना था। वह आपत्तिजनक सामग्री और वीडियो साझा कर स्थानीय लड़कों का मानसिक तौर पर ब्रेनवॉश कर रहा था।

 

फॉरेंसिक जांच ने खोली पोल

पुलिस की पकड़ से बचने के लिए जीशान ने अपने मोबाइल से कई संदिग्ध वीडियो और दस्तावेज डिलीट कर दिए थे। हालांकि, उसकी यह चालाकी काम नहीं आई और पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल से सारा डेटा रिकवर कर लिया है। जांच में उसके सीधे संपर्क कट्टरपंथी विचारधारा वाले बाहरी तत्वों से पाए गए हैं। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि जोधपुर में उसने कितने युवाओं को अपने जाल में फंसाया था।

राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठन ISIS की पैठ बनाने की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। शहर के नई सड़क इलाके से गिरफ्तार 19 साल के जीशान को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि वह केवल एक सदस्य नहीं, बल्कि संगठन का एक प्रशिक्षित ‘डिजिटल हैंडलर’ था।

 

कट्टरपंथ की ‘ऑनलाइन परीक्षा’ और पदोन्नति

पुलिस जांच के अनुसार, जीशान आंध्र प्रदेश में सक्रिय एक ISIS हैंडलर के सीधे संपर्क में था। जोधपुर और आसपास के बेल्ट में संगठन का नेटवर्क विस्तार करने की जिम्मेदारी देने से पहले, इस हैंडलर ने जीशान की वैचारिक निष्ठा और सक्रियता को परखने के लिए उसकी बाकायदा एक ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इस टेस्ट में सफल होने के बाद ही उसे ग्रुप चलाने का ‘टास्क’ और ग्रुप एडमिन का पद सौंपा गया था।

‘BENX’ ग्रुप: युवाओं के ब्रेनवॉश का अड्डा

जीशान ‘BENX’ नाम के एक गुप्त ऑनलाइन ग्रुप का संचालन कर रहा था। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नियमित रूप से भड़काऊ वीडियो, वॉइस नोट्स और कट्टरपंथी सामग्री साझा करने के लिए किया जाता था। उसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को इस ग्रुप से जोड़कर उनका मानसिक अनुकूलन (Brainwashing) करना और उन्हें देशविरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करना था।

विजयवाड़ा कनेक्शन और तकनीकी सबूत

हाल ही में जब आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में इस नेटवर्क का एक सदस्य दबोचा गया, तो जीशान सतर्क हो गया और उसने तुरंत ग्रुप छोड़ दिया। हालांकि, विजयवाड़ा पुलिस और जोधपुर की सदर बाजार थाना पुलिस की तकनीकी टीम ने उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए उसे दबोच लिया। आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल का डेटा मिटा दिया था, जिसे फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है।

स्थानीय मददगारों पर पुलिस की नजर

थाना अधिकारी माणक राम के नेतृत्व में पुलिस अब उन स्थानीय संपर्कों की पहचान करने में जुटी है जो जीशान के इस ‘BENX’ ग्रुप का हिस्सा थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जीशान ने अब तक कितने युवाओं को प्रभावित किया है और क्या उसे स्थानीय स्तर पर किसी और से आर्थिक या वैचारिक मदद मिल रही थी।

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