जयपुर । जयपुर में रक्षाबंधन को लेकर लोगों में अभी ऐसा मंदिर से की स्थिति बनी हुई है कुछ लोग रक्षाबंधन का पर्व 30 अगस्त को, तो कुछ लोग 31 अगस्त को मनाने जा रहे हैं । विद्वानों का 30 अगस्त को भद्रा होने को लेकर आपस में मतभेद भी सामने आए हैं लेकिन इन सब के बीच जयपुर में आर्ट संस्कृति दिग्दर्शन ट्रस्ट के जयपुर के धर्म प्रचारक विजय शंकर पांडे ने जयपुर शहर के प्रमुख धर्माचार्य से इस संदर्भ में चर्चा करके इसका समाधान निकालने की कोशिश की है विजय शंकर पांडे ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के लिए मन्दिरों से सम्पर्क किया गया जिसमें सरस निकुंज, गोविन्द देव जी, काले हनुमान जी, गढ़ गणेश मन्दिर,परकोटा गणेश मन्दिर , श्री राम चन्द्र जी, केशवराव जी सीताराम जी सहित 50 से अधिक मन्दिरों के पुजारी महन्तों ने देशकलो संकिर्त्य , परिस्थितियों को देखते हुए 30 को रात्रि 9/02 मिनट तक भद्रा माना है। इसीलिए सभी में एक पद होकर भगवान को 31 अगस्त को ही रक्षाबंधन अर्पित करना स्वीकार किया है। जयपुर शहर के प्रमुख मंदिरों के मंटों संतों और ज्योतिषाचार्य ने भगवान की रक्षाबंधन के अर्पण का समय ही 31 अगस्त को मना है तो ऐसे में 30 अगस्त को भाई-बहन के प्रेम के प्रति रक्षाबंधन को मनाने का भी कोई औचित्य नहीं है।













































