
कामां।( हरिओम मीणा ) कामां । राह चलते लोगों ने की महिला की मदद। महिला कचरे के ढेर में रोती बिलखती आई नजर। २२अपने निजी काम से जा रहे संजय ऐडवोकेट व उसकी पत्नी ने संभाला महिला व नवजात शिशु को प्रसव के दौरान।
मौके पर घास फूंस व अखवार की सहायता से कराई डिलीवरी। डिलीवरी के बाद महिला को कराया कामां अस्पताल में भर्ती। महिला ने दिया था लड़के को जन्म। जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि आज सुबह कामां कोसी चौराहे पर एक प्रसव के दौरान महिला कचरे के ढेर के पास रोती बिलखती चिल्लाती नज़र आई महिला के आस पास कोई भी परिजन दिखाई नही दिया, दिखाई दिए तो तीन छोटे छोटे मासूम बच्चे जो महिला के पास खड़े रो रहें थे। यह घटना सुबह पांच बजे के करीब की है। संजय ऐडवोकेट अपनी पत्नी के साथ अपनी बहन को बस स्टैंड पर छोड़ने के लिए जा रहा था उसकी नज़र जब उस महिला पर पड़ी तो पास जाकर देखा तो प्रसव की स्थिति पाई गई आनन-फानन में संजय ऐडवोकेट के पत्नी ने इधर-उधर से अखबार व घास एकत्रित कर महिला का अकेलापन दूर करते हुए प्रसव सफलता पूर्वक सुनें कराया। जिसके बाद एवुलेस की सहायता से कामां के राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर महिला का इलाज चल रहा है।
महिला ल नवजात शिशु पूरी तरह से एक दम स्वस्थ हैं।
अभी तक महिला की खास जानकारी सामने नही आ पाई है महिला अपना नाम साहुनी व पति का नाम जाकिर निवासी घाटी खानपुर बता रही है।



















































