किशनपोल विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस भाजपा में?

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जयपुर। किशनपोल विधानसभा सीट पर इस बार फिर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के अमीन कागजी और भाजपा के बीच होने वाला है ।इससे पूर्व के चुनाव में अमीन कागजी ने भाजपा के चार बार के विधायक मोहनलाल गुप्ता को हराया था। इस बार मोहनलाल गुप्ता का टिकट कर सकता है ।मोहनलाल गुप्ता के स्थान पर भाजपा में कई नेता टिकट के दावेदार है ।हालांकि मोहनलाल गुप्ता अभी भी दमदार तरीके से इलाके में लगे हुए।

मुख्य मुकाबला भाजपा कांग्रेस के बीच

जयपुर शहर में स्थित किशनपोल विधानसभा मुस्लिम बहुल विधानसभा सीट है। जहां पर 50 फ़ीसदी मुस्लिम आबादी और 50 हिंदू आबादी है ।हिंदुओं में अलग-अलग जातिया निवास करती है ।जिनका अपना राजनीतिक जुड़ाव है ।पिछले विधानसभा चुनाव में अमीन खान ने भाजपा की तर्ज पर ही चुनाव लड़ा और उन्होंने उनके सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अधिकांश मुस्लिम उम्मीदवारों को अपने पक्ष में कर लिया। इससे पूर्व भाजपा उम्मीदवार इलाके में 10 से 15 उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय के खड़े कर देते थे जिससे चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष मेंआते थे। इस बार पिछले 5 साल से अमीन कागज़ी इलाके में पूरी तरह सक्रिय हैं ।उन्होंने किसी तरह की गुंजाइश ही छोड़ी। दूसरा उस इलाके में हाथ पैर मारे । लेकिन इसके बावजूद पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, गिर्राज अग्रवाल, रज्जाक भाटी, मौजूदा उपमहापौर समेत करीब एक दर्जन मुस्लिम पार्षद और मुस्लिम समाजसेवी और व्यापारी टिकट की दौड़ में है। लेकिन इन सब में अमीन कागजी का पलड़ा भारी है। कागदी खुद एक बड़े व्यापारी हैं और मुस्लिम समुदाय में प्रतिष्ठित परिवार से है। ऐसे में उनकी अपनी अलग पहचान है और पिछले 5 साल में उन्होंने लगातार क्षेत्र में अपने आप को सक्रिय रखा । जिसके चलते उनके संपर्क भी बड़े। पिछला चुनाव उन्होंने पार्टी के दम पर जीता था लेकिन इस बार पार्टी के साथ-साथ उनका खुद का व्यवहार भी काम आएगा । इसलिए माना जा रहा है कि किशनपोल विधानसभा सीट से यदि कांग्रेस पार्टी आमीन कागज को टिकट देती है तो कागजी एक बार फिर से यहां कांग्रेस का परचम लहरा सकते हैं । क्योंकि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कांग्रेस के पक्ष में होना है। हालांकि इस बार ओवैसी की पार्टी भी राजस्थान में विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार खड़े कर सकती है ।

ओवैसी बसपा आप से बनाएंगे दूरी

लेकिन जिस तरह से उनकी जयपुर में पिछले दिनों से 1-2 सभाएं हुई है और जयपुर के लोगों ने उनसे किनारा किया है। यह बात खुद औवेसी की भी समझ में आ गई है कि राजस्थान में उनकी दाल गलने वाली नहीं है और उनकी पार्टी को लोग वोट काटा पार्टी समझ रहे हैं । जहां तक बात है आप और बसपा सहित अन्य पार्टियों की तो मुस्लिम समाज अपना वोट इन पार्टियों को देकर भी जाया नहीं करेगा वर्तमान में कांग्रेस सरकार ने जिस तरह के काम किए हैं। महंगाई राहत शिविर के दौरान जिस तरह से बिजली के बिल माफ किए हैं ।वृद्धों को पेंशन दी है। बीपीएल परिवारों को ₹500 गैस सिलेंडर दिया है ,25 लाख तक का इलाज फ्री किया है। इन सब का लाभ उठा रहे हैं । ऐसी स्थिति में वे लोग दूसरी पार्टियों में अपने वोट खराब करने का जोखिम नहीं उठाएंगे । इसलिए किशनपोल विधानसभा सीट पर मुकाबला कांग्रेस से ही होना है ।जहां तक भाजपा के मोहनलाल गुप्ता की बात है तो वह भाजपा के दूसरे नेताओं से काफी मजबूत है ।लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमी है कि वह पिछले 4 साल से बिल्कुल निष्क्रिय हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ नाराजगी है । लेकिन भाजपा का वोट बैंक किसी को नहीं मिलेगा, भाजपा को ही जाना है । ऐसी स्थिति में मोहनलाल गुप्ता काफी मजबूत स्थिति में है। हालांकि यहां से भी सुरेश पाटोदिया, दिनेश कांवट, भारत शर्मा ,विमल अग्रवाल, समेत एक दर्जन लोग भाजपा की टिकट के लिए कतार में है। लेकिन यहां भी टिकट उसी को मिलेगा जिसको संघ परिवार चाहेगा। यदि भाजपा मोहनलाल गुप्ता को राशि टिकट देती है तो मोहनलाल गुप्ता साम दाम दंड भेद के आधार पर मुकाबले को रोचक बनाएंगे और सीट कांग्रेसी छिन भी सकते हैं। इस सीट से बहुजन समाज पार्टी और एक दर्जन से ज्यादा निर्दलीयों ने करीब 30000 वोट हासिल किए थे तब जाकर मोहनलाल गुप्ता चुनाव जीत सके थे। लेकिन पिछले चुनाव में विधानसभा चुनाव में अमीन कागजी ने मुस्लिम समुदाय से वोटों का विखराव नहीं होने दिया जिससे वह चुनाव जीत सके। इस बार भी मुस्लिम समुदाय और खास तौर पर अनिल काशी का प्रयास यही रहेगा कि वह ज्यादा से ज्यादा निर्दलीयों को चुनाव में खड़ा होने से रोक सकें

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