ईआरसीपी के पहले चरण मैं भरतपुर को सिंचाई का पानी मिलने के लिए स्थानीय विधायकों ने प्रयास नहीं किया -रामकिशन

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भरतपुर। (राजेंद्र शर्मा ब्यूरो चीफ) भरतपुर के पूर्व सांसद और वयोवृद्ध समाजवादी विचारक पंड़ित रामकिशन ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से किसानों के लिये प्रथम चरण में सिंचाई के लिये पानी मिले इसके लिये विधायकों ने प्रयास नहीं किये ।
पूर्व सांसद पंड़ित रामकिशन ने राज्य की भजनलाल सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुऐ कहा कि वगैर खेती के विकास और उत्पादन बढ़ाये वगैर विकास सम्भव नहीं हैं और उसके लिये सबसे पहले खेत को पानी पहुंचाने की जरूरत है । खेत को पानी देने से यहाँ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे वही पेयजल का भी इंतजाम हो सकेगा तथा वृक्षारोषण को लाभ मिलेगा ।
उन्होंने कहा कि सिंचाई पानी को लेकर अगर भरतपुर , डीग ‘ अलवर ‘ दौसा ‘ करौली आदी जिलों के सभी पार्टियों के विधायक सरकार से मिलकर कोशिश करते तो इआरसीपी के मार्फत प्रथम चरण में ही इन जिलों के किसानों के लिये सिंचाई के पानी की व्यवस्था हो सकती थी ।
पंड़ित रामकिशन ने कहा कि भरतपुर ‘ डीग और अलवर जिलों को प्रथम चरण में पीने के पानी की घोषणा बजट में हुई है, अगर यह पेयजल का काम पाँच वर्ष में होगा तो ,समझो फिर द्वितिय चरण बाला पानी सिंचाई के लिये कब तक मिल पायेगा । उन्होंने सरकार से माँग की है कि सिंचाई पानी के लिये द्वितिय चरण के कार्य को भी साथ साथ शुरू करना चाहिये ताकी तीन चार वर्ष में किसानों की खेती के लिये पानी मिल सके ।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा हैं कि उन्होंने पानी के लिये वर्ष 2007 से लगातार संघर्ष और प्रयास किये हैं । उन्होंने कहा कि इआरसीपी बाले पानी तथा यमुना जल के लिये भी हमेशा प्रयास किये जिन प्रयासों के चलते थोड़ा बहुत यमुना का पानी किसानों को मिला । उन्होंने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलौत को भी इआरसीपी को जिन्दा रखने तथा आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिये धन्यवाद दिया ।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने कहा कि खासकर भरतपुर , डीग , दौसा ‘ अलवर आदी जिलों में सिंचाई पानी का ज्यादा संकट है , वगैर पानी के खेती बर्बाद हो रही है , राज्य सरकार को प्रथम चरण में ही इन सभी जिलों में सिंचाई पानी पहुंचाने का कार्य करना चाहिये ।

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