
प्रयागराज। खौफ और आतंक के पर्याय अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या तब हुई जब अतीक को हथकड़ी डाल कर मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था । इस दौरान मीडिया कर्मियों ने उनसे बात करनी चाही। मीडिया कर्मियों के बीच में ही आए तीन अपराधियों ने अतीक अहमद और अरशद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी। गोलियां तब तक बरसाते रहे जब तक दोनों की जान नहीं चली गई। तीनों ने सरेंडर कर दिया पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया ।अब पूछताछ कर रही है अतीक अहमद की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है ।पुलिस धारा 144 लगा दी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवराज उच्च अधिकारियों की बैठक ली है मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है ,जांच न्यायिक अधिकारियों की टीम करेगी ।
पहले ही जता दी थी हत्या की आशंका
अतीक अहमद ने गिरफ्तारी के साथ ही अपने एनकाउंटर की संभावना जताई थी। आखिरकार उनका डर सच साबित हुआ । पहले उनके बेटे असद का एनकाउंटर किया गया और बीती रात पुलिस कस्टडी में मीडिया के सामने बयान दे रहे दोनों भाइयों को कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली मारने वाले 22 साल के तीन लड़के थे ।जिन्होंने हत्या के बाद सरेंडर कर दिया ।पुलिस की एक टुकड़ी दोनों को मेडिकल कराने लेकर जा रही थी। अचानक मीडिया कर्मी अतीक अहमद से बयान लेने लगे और इसी दौरान मीडिया कर्मी बनकर आए 3 लोगों ने अतीक और अशरफ अहमद पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिससे दोनों वहीं ढेर हो गए और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी तितर-बितर हो गई। अतीक और अशरफ में हथकड़ियों से बंधे हुए थे। दोनों वहीं ढेर हो गए, पुलिस ने लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य को हत्या के आरोप में हिरासत में लिया। तीनों से पूछताछ की जा रही है। मेडिकल कराया गया है वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने पर 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है । कोर्ट के निर्देश पर 24 घंटे में अतीक और अशरफ का और का मेडिकल करवाने लाया जाता था इसीलिए शनिवार देर रात 10:00 बजे प्रयागराज मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर पुलिस कस्टडी में दोनों पर हमला हो गया । दोनों की वहीं पर मौत हो गई । मुख्यमंत्री योगी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पूरे प्रदेश में धारा 144 की लगा दी गई है ।आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है । वहीं विपक्ष में अतीक अहमद और अशरफ अहमद की हत्या को पुलिस और सरकार की घोर लापरवाही बताया है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। दोषी पुलिसकर्मियों को सजा देने की मांग की है और कहा कि यूपी में अब कानून का नहीं गुंडों का राज है। पुलिस जब चाहे तब किसी का भी एनकाउंटर कर सकती है।

















































