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अंगदान के प्रति जागरूकता से बचाई जा सकती जा सकती है लोगों की जान-

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महात्मा गांधी अस्पताल में विश्व अंगदान

जयपुर विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी अस्पताल में क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से अंगदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ सुधीर सचदेव थे। स्टेट ऑर्गन एन्ड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन राजस्थान के डॉक्टर अमरजीत मेहता तथा डॉ मनीष शर्मा ने विशेष अतिथि के रुप में शिरकत की।


कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर सी गुप्ता सुप्रसिद्ध किडनी प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ टीसी सदासुखी, राज्य में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर एम ए चिश्ती, लीवर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉक्टर शाश्वत सरीन, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ प्रियमवदा गुप्ता, डॉ आशीष जैन, डॉ सृष्टि जैन ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने जानकारी दी कि देश में हर साल 2 लाख रोगियों को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है किंतु उपलब्धता 5-7 हजार की ही होती है । इसी तरह हर साल 50 हजार रोगियों को लीवर की आवश्यकता होती है किंतु 1 हजार रोगियों को ही मिल पाता है। करीब 50 हजार रोगियों को हार्ट ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है, डेढ़ सौ ही रोगी उपचारित हो पाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह जागरूकता का अभाव है। जरूरत इस बात की भी है कि आमजन ब्रेन डेथ के बाद अपने रोगी के अंग दान के लिए आगे आएं। एक अंगदाता के जरिये कम से कम आठ जरूरतमंद रोगियों को जीवन मिल सकता है।
चिकित्सकों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे समय रहते ब्रेन डेड रोगियों की पहचान करे। 5 साल में राज्य में 42 अंगदाताओं के जरिए डेढ़ सौ रोगियों में अंग प्रत्यारोपण किया गया है। कार्यक्रम में डॉ सुभाष नेपालिया डॉ सूरज गोदारा, डॉ वी के कपूर, डॉ दुर्गा जेठवा, डॉ डीडी जेठवा, डॉ मनीष गुप्ता, डॉ करण कुमार, डॉ आनंद नागर तथा डॉ पीयूष वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक तथा नर्सिंगकर्मी उपस्थित थे।

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