लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान के खनिज क्षेत्र में बड़ा नवाचार: मलबों से मिलेंगे निकेल, कोबाल्ट और गैलियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स
जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन को राजस्थान में नई गति मिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज अपशिष्ट (माइनिंग डम्प्स) के वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम जैसे महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स के सकारात्मक संकेत मिले हैं। इन खनिजों का उपयोग रक्षा, ग्रीन एनर्जी, एयरोस्पेस और एयरोनॉटिकल उद्योगों में किया जाता है।
आरएसएमईटी और आईआईटी धनबाद के बीच हुआ समझौता
मुख्यमंत्री की पहल पर खान विभाग की संस्था आरएसएमईटी और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के बीच एक महत्वपूर्ण करार हुआ है। इसके तहत राजस्थान में खनिजों के विशाल डम्प्स में मौजूद मूल्यवान खनिजों का वैज्ञानिक अध्ययन कर उन्हें व्यावसायिक उत्पादन में उपयोग करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
पिंक और ग्रीन मार्बल के डम्प्स में मिले संकेत
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 78 खनिज डम्प्स चिन्हित किए गए हैं। उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिंक मार्बल के 8 तथा ग्रीन मार्बल (सर्पेंटिनाइट) के 2 डम्प्स का अध्ययन किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम की उल्लेखनीय मात्रा मिलने के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनकी उपलब्धता पृथ्वी की सामान्य परत (क्रस्ट) में पाए जाने वाले स्तर से 25 से 40 गुना अधिक हो सकती है।
कई जिलों में चल रहा वैज्ञानिक मूल्यांकन
शेष 68 डम्प्स और टेलिंग्स का भी वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। अध्ययन में जियो-रेफरेंस्ड डेटाबेस, मैपिंग, सैंपलिंग और मिनरलॉजिकल एनालिसिस के माध्यम से टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) जैसे खनिजों की उपलब्धता का आकलन किया जाएगा।
उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, ऋषभदेव, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, सिरोही, जोधपुर, बालेसर, सोजत सिटी और जालौर सहित कई क्षेत्रों में खनिज डम्प्स चिन्हित किए जा चुके हैं।
ऊर्जा और सामरिक सुरक्षा को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्रिटिकल मिनरल्स की उपलब्धता भारत की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और सामरिक क्षमता को मजबूत करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण, रक्षा उपकरण और उच्च तकनीकी उद्योगों में इन खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।
रेयर अर्थ मिनरल्स में भी बड़ी उपलब्धि
राजस्थान ने हाल ही में जालौर जिले के सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में रेयर अर्थ और हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स के महत्वपूर्ण भंडार खोजे हैं। केंद्र सरकार इन खनिज ब्लॉकों के ऑक्शन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।
राजस्थान का यह अभिनव प्रयास खनिज अपशिष्ट को संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के खनन क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।