लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा: महिलाएं समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र को सशक्त करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान का सपना महिलाओं के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने यह बात मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्टार्टअप उद्यमियों, रेडियो जॉकी, सरकारी विभागों की महिला अधिकारियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित छात्राओं, समाजसेवी महिलाओं, महिला सुरक्षाकर्मियों और अन्य महिला कर्मचारियों से संवाद के दौरान कही।
शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नीतियों और योजनाओं का निर्माण कर रही है। उन्होंने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 16 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करने, सोलर दीदी और बैंक सखी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की जानकारी दी।
महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री लाडो प्रोत्साहन योजना से 6 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मा वाउचर योजना, मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना (19 लाख से अधिक महिलाओं को 6,876 करोड़ रुपये) और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (27 हजार से अधिक कन्याओं के लिए लगभग 101 करोड़ रुपये) जैसी योजनाओं से महिलाओं का जीवन स्तर सुधारा जा रहा है। इसके अलावा 1 लाख 39 हजार स्वयं सहायता समूहों को 679 करोड़ रुपये की आजीविका सहायता उपलब्ध कराई गई है।
संवाद के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। ब्यावर की सोनिया वर्मा ने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और सर्वाइकल कैंसर के लिए एचपीवी वैक्सीन के लिए आभार जताया। हनुमानगढ़ की मधु राठौड़ ने अपनी सफलता की कहानी बताई। डॉ. कृति भारती ने बाल विवाह रोकथाम में किए जा रहे जागरूकता कार्यों की जानकारी दी। डीडवाना-कुचामन की बाली देवी ने राजीविका के माध्यम से बैंक सखी बनकर आत्मनिर्भर बनने और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने की बात साझा की।
उपस्थित छात्राओं और महिलाओं ने सरकार की योजनाओं की सराहना की और लाभान्वितों ने अपने अनुभव साझा किए। सभी ने महिला सुरक्षा, सम्मान और पारदर्शिता के साथ आयोजित भर्ती परीक्षाओं में उठाए गए कदमों की भी प्रशंसा की।




















































