लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया) – राजस्थान में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग और ऑस्ट्रेलिया-इंडिया वाटर सेंटर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर उपस्थित रहे।
ज्ञान और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ज्ञान, अनुभव और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने बताया कि इस पहल से:
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शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा
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अधिकारियों और नीति निर्माताओं को प्रशिक्षण मिलेगा
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क्षमता निर्माण के नए अवसर विकसित होंगे

जल सुरक्षा और सतत विकास को मिलेगी मजबूती
मंत्री ने कहा कि यह सहयोग:
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जल सुरक्षा
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पर्यावरण संरक्षण
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सतत विकास
जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक होगा और राज्य को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
जल संकट से निपटने में मिलेगा वैश्विक अनुभव
जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के निदेशक मुहम्मद जुनैद ने कहा कि राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्य के लिए यह समझौता बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि इस सहयोग से:
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जल संसाधन प्रबंधन
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भू-संरक्षण
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सुरक्षित पेयजल
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जल-ऊर्जा-खाद्य संबंध
जैसे क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता और नई तकनीकों का लाभ मिलेगा।

जलग्रहण परियोजनाओं पर बुकलेट का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ के सहयोग से तैयार बुकलेट
“Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana, Rajasthan – Ensuring Water Security and Resilience in Western Rajasthan” का विमोचन भी किया गया।
यह बुकलेट पश्चिमी राजस्थान में जलग्रहण परियोजनाओं की सफलता को दर्शाती है और अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।

सहयोग से खुलेंगे नए आयाम
मंत्री दिलावर ने विश्वास जताया कि यह समझौता आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा और उत्कृष्ट परिणाम सामने आएंगे।
कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया-इंडिया वाटर सेंटर के निदेशक बसंत माहेश्वरी सहित कई अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।















































