लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया )
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार को कांग्रेस नेताओं अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता जनता के बीच अपना जनाधार खो चुके हैं और अब केवल “नोटंकी” व “अनर्गल बयानबाजी” के सहारे मीडिया में सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।
राठौड़ के प्रमुख आरोप:
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जनता को गुमराह करने की कोशिश – कांग्रेस नेता छात्रसंघ चुनाव, बेरोजगारी, पंचायती चुनाव और स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दों पर लोगों को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
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विधानसभा की कार्यवाही पर सवाल – राठौड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत साहब विधानसभा की कार्यवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं, सचिन पायलट सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं और डोटासरा ने पिछले सत्र को स्वघोषित स्थगित कर विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई।

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बेरोजगारी और पेपर लीक – गहलोत सरकार के समय राजस्थान में बेरोजगारी दर 32.5% तक पहुंची। डोटासरा और गहलोत ने मिलकर परीक्षाओं में पेपर लीक के रिकॉर्ड बनाए।
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पंचायती चुनाव का विवाद – कांग्रेस के कार्यकाल में ही 23 माह तक अलग-अलग चरणों में पंचायत और निकाय चुनाव करवाए गए थे।
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दिव्यांग वर्ग में फर्जीवाड़ा – गहलोत सरकार में दिव्यांग भर्ती श्रेणी में भारी गड़बड़ी हुई। 43 पदों पर 37 अयोग्य व्यक्ति भर्ती हुए, जिनमें कोई अंधा या बहरा बनकर नौकरी कर रहा था।
अपराध और कानून व्यवस्था पर बयान
राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार के समय राजस्थान अपराध में शीर्ष पर था। वहीं, भजनलाल सरकार के 20 माह के कार्यकाल में अपराधियों की कमर तोड़ी गई और प्रदेश की कानून व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हुई।
स्मार्ट मीटर का मुद्दा
राठौड़ ने गहलोत पर स्मार्ट मीटर को लेकर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के समय ही 5.50 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए, जबकि अब कांग्रेस इसके विरोध में खड़ी है।
उन्होंने बताया कि:
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2019 में गहलोत सरकार ने अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम में स्मार्ट मीटरिंग के आदेश जारी किए।
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2018–23 के बीच गहलोत सरकार के कुप्रबंधन से डिस्कॉम पर 88 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज चढ़ा।
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वर्तमान भजनलाल सरकार ने फरवरी 2024 से नई निविदाएं खोलकर अप्रैल 2025 से इंस्टॉलेशन शुरू किया और अब तक 3.48 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।