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चंद्रशेखर आजाद ने की छात्र मौत प्रकरण की सीबीआई से जांच की मांग

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मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा

जोधपुर। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को आखिर राजस्थान की सरकार ने जालोर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने तीने बार जोधपुर एयरपोर्ट से जालोर जाने का प्रयास किया। लेकिन हर बार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पूर्व पाली में जितेंद्र मेघवाल हत्याकांड के दौरान भी एक सभा के बाद उन्हें पाली में नहीं जाने दिया गया था। चद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब सारे नेता वहां जा सकते है तो उसे जाने से क्यों रोका जा रहा है।

चंद्रशेखर ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा

चंद्रशेखर आजाद ने कहा की राजस्थान में दलित – आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे है। गहलोत को मुख्यमंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं है। कभी मूछ रखने पर हत्या की जा रही है। तो कभी मटके से पानी पीने पर मासूम की पिटाई से मौत हो रही है। कहीं पर गैंगरेप किया जा रहा है। तो कहीं पर घोड़ी पर चढ़ने पर मौत के घाट उतारा जा रहा है। इससे साफ है कि गहलोत सरकार में दलित- आदिवासी सुरक्षित नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पद पर रहने का अधिकार नहीं है।

मासूम छात्र की मौत की सीबीआई जांच की मांग

चंद्रशेखर ने राज्य सरकार से जालोर में मास्टर की पिटाई से मरे मासूम की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। चंद्रशेखर ने मृतक बच्चे के पिता देवाराम मेघवाल से फोन से बात कर भरोसा दिलाया कि हम उन्हें न्याय दिलाकर रहेंगे। धारा 144 के बावजूद हो रही पंचायतों से दलितों में डर बैठ रहा है। प्रशासन द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।परिवार डरा हुआ है। परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। मीडिया भी लगातार दबाव बना रहा है। इसलिए इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जाई।

परिवार को गांव में जान- माल का डर

चंद्रशेखर का कहना है कि जिस तरह से पाली के बाद जालोर में भी जातीय पंचायतें हो रही है। लगातार प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे साफ है कि कहीं न कहीं सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। परिवार को गांव में जान- माल जाने का डर है। असामाजिक तत्व कभी भी परिवार को नुकसान पहुंचा सकते है। इसलिए सरकार परिवार को शहर में रहने के लिए आवास और सुरक्षा दे। अगर मुख्यमंत्री परिवार को सुरक्षा देने में विफल रहते है तो उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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