छोटे-छोटे संकेत नज़रअंदाज़ मत करें। थकान, झनझनाहट या याददाश्त की कमी — समय रहते जाँच और इलाज जरूरी।
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
रितु मेहरा
मानव शरीर में कब क्या हो जाए किसी को कोई जानकारी नहीं है, अलग-अलग विटामिन की कमी और बढ़ोतरी से अलग-अलग तरह की बीमारियां होती है, उनके लक्षण भी अलग-अलग है । आजकल विटामिन B12 की कमी कारण भी कई तरह की बीमारियां देखी जा रही है । विटामिन B12 (कोबालामिन) की कमी शरीर में कई तरह की शारीरिक व मानसिक समस्याएँ पैदा कर सकती है, क्योंकि यह विटामिन नर्वस सिस्टम और ब्लड सेल्स के लिए बेहद जरूरी है।
विटामिन B12 की कमी के लक्षण
1. थकान व कमजोरी – आमतौर पर देखा गया कि विटामिन बी12 की कमी के कारण व्यक्ति छोटी सी मेहनत पर थक जाता है। कोई भी काम करने पर थकान ज्यादा महसूस होती है।
2. चक्कर आना या बार-बार सिर घूमना- विटामिन B12 की कमी से चक्कर आना बार-बार सर घूमने य यह आम लक्षण है बार-बार चक्कर आने से घूमने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं हो सकता है यह भी 12th की कमी से ही हो रहा हो।
3. सांस फूलना – विटामिन B12 की कमी से व्यक्ति सीढ़ियाँ चढ़ते समय या हल्की मेहनत में उसकी सांस फूलने लगती है, हांफने लगता है।
4. त्वचा पीली या पीलीपन लिए हुई – जिस व्यक्ति में विटामिन बी12 की कमी होती है उसकी त्वचा पीली- पीली होने लगती है, पीलापन नजर आने लगता है, खून की कमी नजर आती है।
5. हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन (नर्व डैमेज के कारण) विटामिन B12 की कमी से आदमी की नर्वस सिस्टम में कमी आती है । यानी हाथ पैरों में झनझनाहट होती है, सुनापन रहता है, त्वचा सुन्न हो जाते हैं।
6. संतुलन बिगड़ना – विटामिन B12 की कमी से व्यक्ति का अपनी बॉडी पर कंट्रोल नहीं रहता है। चलते समय लड़खड़ाना चलते हुए संतुलन बिगड़ना कई बार ऐसा लगा कि अभी गिरा के अभी गिरा।
7. मूड में बदलाव – विटामिन B12 की कमी से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, याददाश्त कम होना आम बात है।
8. जीभ लाल और चिकनी (Glossitis) व मुँह में छाले – B12 की कमी वाले व्यक्ति की जीव हमेशा लाल रहती है चिकनी और मुंह में चले बहुत ज्यादा होते हैं यदि यह लक्षण है तो एक बार बी 12 की जांच कराएं।
9. दिल की धड़कन तेज होना – विटामिन B12 की कमी से दिल की धड़कनें तेज हो जाती है। थोड़ा सा चलने, फिरने, दौड़ने पर दिल की धड़कने बहुत स्पीड से बढ़ जाती है, ऐसे लक्षण हो तो भी विटामिन B12 की जांच कराएं।
10. – भूख का काम लगना – यदि किसी व्यक्ति में विटामिन बी12 की कमी है तो उसे भूख बहुत कम लगती है उसका कुछ खाने का मन नहीं करता है।
विटामिन B-12कमी के कारण
शाकाहारी आहार में B12 कम होना (क्योंकि यह मुख्य रूप से जानवर-आधारित खाद्य पदार्थों में मिलता है)
पाचन संबंधी बीमारियाँ (जैसे गैस्ट्रिक सर्जरी, क्रोहन डिज़ीज़, पर्निशियस एनीमिया)
उम्र बढ़ना (B12 अवशोषण क्षमता कम हो जाना)
लंबे समय तक एंटी-एसिड या मेटफॉर्मिन जैसी दवाओं का सेवन
B12 की कमी से होने वाली बीमारियाँ
1. मेगालोब्लास्टिक एनीमिया – खून की कमी और बड़े आकार के लाल रक्त कोशिकाएं
2. नर्व डैमेज (न्यूरोपैथी) – हाथ-पैर सुन्न होना, दर्द, चलने में दिक्कत
3. संज्ञानात्मक समस्याएँ – याददाश्त कमजोर होना, डिमेंशिया जैसी स्थिति
4. हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ना – होमोसिस्टीन लेवल बढ़ने के कारण
कमी को कैसे पूरा करें
डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट – टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन
आहार में B12 वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना
विटामिन B12 से भरपूर चीजें
(गैर-शाकाहारी स्रोत)
अंडा (विशेष रूप से अंडे की जर्दी),मछली (सैल्मन, टूना, सार्डिन),चिकन, मटन, लीवर,डेयरी प्रोडक्ट – दूध, दही, पनीर,
(शाकाहारी/वेज स्रोत – प्राकृतिक रूप से कम मात्रा में)
दूध और दूध से बने उत्पाद,B12 फोर्टिफाइड सीरियल, B12 फोर्टिफाइड सोया मिल्क, बादाम मिल्क, न्यूट्रिशनल यीस्ट (फोर्टिफाइड)
जरूरी टिप – अगर कमी ज्यादा है, तो सिर्फ खाना काफी नहीं, डॉक्टर B12 के इंजेक्शन या हाई-डोज़ सप्लीमेंट देते हैं, क्योंकि नर्व डैमेज को समय पर रोका न जाए तो यह स्थायी हो सकता है।

















































