लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री बोले— यह हमारी आत्मा की पुकार और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक
जयपुर ।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् हमारी सामूहिक चेतना, आत्मा की पुकार और मातृभूमि के प्रति अनंत श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम का प्राणतत्व और राष्ट्र की एकता का सूत्र है।
शर्मा सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत करोड़ों भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला जगाने वाला है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब वन्दे मातरम् की भावना ही हमारी प्रेरणा शक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस गीत की भावना को जीवन में उतारें, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और देश को उन्नति के शिखर तक पहुंचाने में योगदान दें।
शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रव्यापी समारोह का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है, जो युवाओं और विद्यार्थियों में स्वदेशी चेतना और देशभक्ति की भावना को सशक्त करेगा। 
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें 1857 की क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों और विकसित भारत विषयक चित्रों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने वन्दे मातरम् सैंड आर्ट भी देखी तथा प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कलाकार पीयूष पंवार ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, वहीं ड्रोन पुष्पवर्षा से वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। पूरा स्टेडियम भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, अरुण चतुर्वेदी, मदन राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी, राव राजेंद्र सिंह, मंजू शर्मा, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी, छात्र-छात्राएं और हजारों नागरिक उपस्थित रहे।

















































