लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)
जैन समाज का महापर्व — दशलक्षण
जैन धर्म के पर्युषण पर्व के अंतर्गत सुखोदय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा पर सातवें दिन मंगलवार को उत्तम तप धर्म की पूजा बड़े हर्ष और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई।
प्रबंध कमेटी अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा और मनोज जैन ने बताया कि:
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दशलक्षण पर्व जैन समाज का सबसे बड़ा महापर्व है।
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इसमें उत्तम तप धर्म का विशेष महत्व है, जिसका अर्थ है — इच्छाओं, इंद्रियों और वासनाओं का संयम करके आत्मा की शुद्धि करना।
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इसका उद्देश्य है कर्मों का नाश, भोग-विलास से दूर रहकर साधना करना और अंततः मोक्ष की प्राप्ति।
धार्मिक अनुष्ठान
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कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक से हुई।
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इसके बाद नित्य अभिषेक, शांति धारा और मूलनायक भगवान की शांतिधारा की गई।
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भक्तों ने देवशास्त्र पूजा, सोलह भावना, नंदीश्वर दीप, चौबीस भगवान दशलक्षण पूजा विधि-विधान से की।
भक्तामर दीपार्चना
भक्तामर संयोजक हुक्मचंद ने बताया कि शाम 7:30 बजे विशेष भक्तामर दीपार्चना का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
