Home latest उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने की बजट घोषणाओं, फ़्लैगशिप...

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने की बजट घोषणाओं, फ़्लैगशिप योजनाओं, की समीक्षा

0

गौतम शर्मा ब्यूरो चीफ
राजसमन्द

 

बजट घोषणाओं, फ़्लैगशिप योजनाओं, वंदे गंगा अभियान और अंत्योदय संबल पखवाड़े की समीक्षा कर जानी धरातलीय स्थिति

सरकार हर बजट घोषणा के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर, किसी भी स्तर पर विलंब अस्वीकार्य, जल्द से जल्द सभी घोषणाएं धरातल पर उतारें :उप मुख्यमंत्री

राजसमंद। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की बजट घोषणाओं, फ्लैगशिप योजनाओं, वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों आदि की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में यह रहे मौजूद

बैठक में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, जिला प्रमुख सोहनी देवी, प्रधान अरविंद सिंह, उप जिला प्रमुख सोहनी देवी, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, एडीएम नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ श्री बृजमोहन बैरवा, नगर परिषद सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलक्टर हसीजा ने प्रत्येक बजट घोषणा की नवीनतम प्रगति से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।
बैठक में डॉ बैरवा ने सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बजट घोषणाएं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का आईना होती हैं तथा इनका त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। सभी विभागों से आपसी समन्वय और नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न घोषणाओं जैसे- स्टोन मंडी, प्रभु द्वारकाधीशजी के मंदिर में उन्नयन संबंधी कार्यों, सार्वजनिक निर्माण विभाग की घोषणाओं के अंतर्गत केलवा से आमेट, मादड़ी से लसानी ताल वाया आमेट–देवगढ़, चारभुजा से सेवंत्री, एवं बडारडा पुठिया से फरारा महादेव तक लगभग 70 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत भीम क्षेत्र के धांसरिया एवं जालपा में प्रस्तावित 33/11 केवी जीएसएस निर्माण की स्थिति पर चर्चा हुई।

स्वायत्त शासन विभाग की घोषणाओं के तहत नाथद्वारा शहर में शहरी स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन एवं जलापूर्ति विस्तार हेतु तैयार की जा रही तीन वर्षीय योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। पर्यटन विभाग द्वारा पिपलांत्री को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की योजना, चिकित्सा विभाग की आत्मा व सांगठकला में पीएचसी क्रमोन्नयन एवं जिला चिकित्सालय में बेड क्षमता वृद्धि संबंधी कार्यों की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भीम महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय की स्थापना, पशुपालन विभाग द्वारा नाथद्वारा में प्रोटीन पशु आहार संयंत्र की स्थापना तथा जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाएं जैसे दातो का देव, भोपाल सागर, सांगठ बांध, कुंडेली एवं चावण्डिया नहर सहित एनीकट मरम्मत कार्यों की प्रगति आदि की समीक्षा की गई।

डॉ बैरवा ने विभिन्न फ़्लैगशिप योजनाओं जैसे- कुसुम योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0, अटल ज्ञान केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अटल प्रगति पथ, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन हरियालो राजस्थान, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, पंच गौरव योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना, नमो ड्रोन दीदी, सोलर दीदी, लखपति दीदी, बैंक सखी, कृषि सखी एवं पशु सखी आदि की समीक्षा करते हुए हर पात्र को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

अंत में जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा ने वंदे गंगा (जल संरक्षण- जन अभियान) तथा डीओआईटी के उप निदेशक मनोज मीणा ने अंत्योदय संबल पखवाड़े की प्रगति से अवगत कराया। डॉ. बैरवा ने निर्देश दिए कि जिन बजट घोषणाओं पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बजट घोषणाएं केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि जन अपेक्षाओं की पूर्ति का माध्यम हैं। इन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version