“उन्होंने धर्म देखकर मारा, हमने कर्म देखकर मारा” – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जोधपुर

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को जोधपुर दौरे पर रहे। इस दौरान वे मारवाड़ राजपूत सभा भवन में आयोजित समारोह में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने राजपूत समाज की वीरांगनाओं का सम्मान किया और प्रेरणादायक संबोधन दिया।

“मारवाड़ का इतिहास गौरवशाली”

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि मारवाड़ का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा –
“जब मैं सीमाओं पर तैनात जवानों से मिलता हूँ, तो गर्व महसूस होता है। राजस्थान शक्ति और भक्ति की भूमि है।”
उन्होंने भामाशाहों की उदारता और बलिदान की भावना की भी सराहना की।


ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा –
“हमारे सैनिकों ने आतंकियों को धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर मारा।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत कभी किसी निर्दोष को निशाना नहीं बनाता –
“हमने पाकिस्तान के नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर हमले नहीं किए, केवल आतंकवादियों को मारा।”

राजनाथ सिंह ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा –
“जब लंका में हनुमान जी ने तोड़फोड़ की, तब माता सीता ने पूछा – यह क्या कर दिया? हनुमान ने उत्तर दिया – ‘जो मोहि मारा, मैं तेही मारा’। यही नीति हमारी सेना ने भी अपनाई है।”


सीमा सुरक्षा और सेना की तत्परता

सिंह ने बताया कि 22 अगस्त को पहलगाम की घटना के बाद 23 अगस्त को सभी सेना प्रमुखों की बैठक बुलाई गई थी। उस समय भी भारतीय सेना पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार थी।


भारत की वैश्विक स्थिति

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि –
“भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था भी है। भारत अब न झुकेगा, न टूटेगा।”


स्थानीय नेताओं और समाज का योगदान

कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में मारवाड़ के युवाओं के बलिदान को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से 1965, 1971 और कारगिल युद्ध में उनके योगदान को रेखांकित किया।

साथ ही उन्होंने राजस्थान को EWS आरक्षण में अधिक लाभ दिलाने की आवश्यकता जताई और कहा कि राजस्थान और उत्तरप्रदेश की परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए इस पर पुनर्विचार जरूरी है।

इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में सैनिक स्कूलों को मिली मान्यता के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

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