लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
तीर्थंकर के कल्याणक अवसर पर धर्मसभा, उपवास, रथयात्रा और भक्तिमय आयोजन
उन्हेल, झालावाड़।
झालावाड़ जिले के उन्हेल कस्बे में स्थित श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ पर श्री पार्श्वनाथ प्रभु के जन्म कल्याणक के अवसर पर विशाल महोत्सव आयोजित किया गया। महोत्सव का आयोजन परम पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागरसूरीजी म.सा. ने धर्मसभा को संबोधित कर किया। आचार्य श्री ने कहा कि तीर्थंकर का जन्म केवल जन्मोत्सव नहीं बल्कि कल्याणक है, क्योंकि प्रभु समग्र सृष्टि के कल्याण के लिए अंतिम जन्म लेते हैं और मोक्ष मार्ग का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
इस दौरान श्री तीर्थरत्नसागरजी म.सा. ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। महोत्सव में पाँच सौ से अधिक अष्टम तप के तपस्वी तीन दिवसीय उपवास की तपस्या कर रहे थे। प्रवचन के दौरान हजारों श्रद्धालु भक्ति संगीत की धुनों पर जयकारे लगाते हुए जन्म महोत्सव में भाग लिया। संगीतकार त्रिलोक मोदी ने प्रभु के जन्म कल्याण पर संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
महत्वपूर्ण आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उपवास की तपस्या हेतु अनुदान दिया। प्रातःकाल प्रार्थना और भक्तामर पाठ के बाद भगवान के पक्षाल का आयोजन किया गया। इसके पश्चात विशाल पाण्डाल में जन्म कल्याणक समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ, जिसमें आयोजक परिवारों द्वारा समाज के लिए भोजनप्रसादी और साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन भी किया गया।
दोपहर में रथयात्रा निकाली गई, जिसमें रथ, इन्द्रध्वजा, हार्थी घोड़े, बग्घी और बैड बाजे के साथ नवयुवकों की टोली जयकारों के साथ आगे बढ़ती रही। शाम को मुख्य मंदिर में 1008 दीपक की रोशनी, रंगोली और भव्य सजावट की गई।
साधर्मिक वात्सल्य में उन्हैल नागेश्वर, आलोट, चौमहला, सुवासरा और बड़ौद सहित विभिन्न नवयुवक मण्डल, नवरत्न परिवार, महिला एवं बालिका मंडलों ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
इस अवसर पर डग विधायक कालुराम वर्मा एवं मुंबई-नागेश्वर दशम मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया गया।