लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
गिट्टियों की सड़क टूटी, जनता की मुश्किलें बढ़ीं – विकास की जगह विनाश
जितेंद्र बालोत, संवाददाता नसीराबाद | अजमेर
नसीराबाद (अजमेर)। विकास के नाम पर बनी सड़क अब हादसों का सबब बन चुकी है। रेलवे स्टेशन से लेकर हाउस बोर्ड और ब्यावर मार्ग तक फैला यह रास्ता, जो गिट्टियों से बनाया गया था, अब पूरी तरह से बिखर चुका है।
पैदल चलना मुश्किल, वाहन चलाना नामुमकिन
नसीराबाद की इस मुख्य सड़क की हालत इतनी खराब है कि राहगीरों से लेकर वाहन चालकों तक सभी परेशान हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूट चुकी गिट्टियां और धूल का अंबार हर दिन लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर रहा है।
छात्र और स्थानीय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
राजकीय महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की ओर जाने वाले छात्रों और स्थानीय निवासियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। आवागमन बाधित हो रहा है और हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है।
“गुणवत्ता और मापदंडों की अनदेखी” – प्रशांत मेहरा, पूर्व पार्षद
नगरपालिका के पूर्व पार्षद और एडवोकेट प्रशांत मेहरा का कहना है कि सड़क निर्माण न तो गुणवत्ता के अनुसार हुआ और न ही निर्धारित मापदंडों के हिसाब से। यही वजह है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क टिक नहीं पा रही।
जनता का पैसा बर्बाद, जिम्मेदार चुप
बार-बार जनता के पैसों से सड़क बनाने के बावजूद परिणाम शून्य है। ठेकेदार और जिम्मेदार विभाग इस लापरवाही पर चुप्पी साधे बैठे हैं। सवाल यही उठता है कि आखिर जनता की जान से खेल रहे इस भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कब कार्रवाई होगी?
नतीजा
यह सड़क सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की नाकामी और ठेकेदार की लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। अब जरूरी है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय हो और ठोस कार्रवाई की जाए।














































