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सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी,बारां में बाढ़ के हालात

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

नीरज मेहरा की रिपोर्ट

जयपुर।  भादवा महीने में पिछले तीन दिनों से हो रही बरसात के चलते राजस्थान के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वहीं कई जिलों में अतिवृष्ठि होने से बाढ़ की स्थिति बन गई है।   राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ के हालात की भयावता स्पष्ट दिखाई देती है—बुंदी, कोटा और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में जलस्तर काफी बढ़ गया है। घरों, मकान, दुकान. स्कूलों ,सरकारी भवनों में पानी भर गया है। कई गांवों को संपर्क टूट चुका है। चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।

बाढ़ के ताजा हालात 

  • पूर्वी राजस्थान के जिलों (कोटा, बुंदी, बारां, सवाई माधोपुर) में लगातार हुई भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इन जिलों में  लगातार पानी बरसने से लोगों का जन जीवन प्रभावित हो रहा है। खेत खलिहान. घर- मकान , दुकान सबमें पानी भर गया है। कई लोगों के पासी खाने- पीने की सामग्री भी पानी में भीग गई है।

  • सवाई माधोपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है और रेलवे सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं; कुछ ट्रेनें रद्द या परिवर्तित कर दी गई हैं । रेलवे स्टेशन पर पानी भरा हुआ है। रेल की पटरियां नजर नहीं आ रही है। ट्रेनों को आने- जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाव  पलटने से एक व्यक्ति की मौत की खबर है।

  • राज्य के अन्य हिस्सोंकोटा, टोंक, बारां—में भी भारी जलभराव और सड़कें कटने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। दो और लोग इन जिलों में बारिश से संबंधित दुर्घटनाओं में मारे गए हैं। कोटा,बारां, झालावाड़, टोंक में बरसात से बाढ़ के हालात बन गए है।

  • मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बुंदी जिले के नैनवा में पिछले 24 घंटे में लगभग 50 से.मी. बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों (बुंदी, कोटा, टोंक, बारां, सवाई माधोपुर) में बाढ़ के हालात बन  गए हैं।

  • बुंदी में, नैनवा में 192 मिमी, केशोराइपटान में 152 मिमी बारिश दर्ज हुई है। कई ग्रामीण क्षेत्र और अस्पताल तक जलमग्न हो गए हैं, और राहत व बचाव कार्य जारी है। कई स्थानों पर हालात भयावह हो चुके हैं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

  • कोटा और बुंदी में सेना, बाढ़ के चलते कोटा – बूंदी  NDRF और SDRF को बुलाया गया है, और कई जगहों पर बचाव अभियान जारी हैं। स्कूल कई जिलों में बंद है। चित्तौड़गढ़, बारां , टोंक, सवाई माधोपुर,झालावाड़़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा इत्यादि इलाकों में जल प्रलह की स्थिति बन रही है। प्रशासन अपनी ओर से पुरी मदद की कोशिश कर रहा है, लेकिन संसाधन सीमित मात्रा में ही है। इसलिए सरकार ने सभी से सावधानी बरतने और जल भराव वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

    मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार अभी 28 अगस्त तक बरसात की संभावना है। और कुछ क्षेत्रों में अभी भी भारी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है।

बाढ़ के चलते आपदा मंत्री डॅा किरोड़ी मीणा का हवाई दौरा टला
आज राजस्थान के आपदा मंत्री डॅा.किरोड़ी लाल मीणा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला  और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के साथ हवाई सर्वेक्षण करने वाले थे लेकिन पायलट ने हेलिकॅाप्टर उड़ाने से मना कर दिया। इसके  बाद में डॅा मीणा और जवाहर सिंह बेढम सड़क मार्ग से जहां तक जा सकते थे बाढ़ के हालात देखने जा रहे हैं। मीणा ने लोगों से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मीणा के साथ कई  वरिष्ठ अधिकारी इन संवेदनशील और कठिन हालात में ग्रामीण इलाकों, सड़क बंदों, क्षतिग्रस्त संरचनाओं, और प्रभावित लोगों की स्थिति का जायज़ा लेकर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को प्राथमिक सुविधाओं—खाद्य पानी, चिकित्सा, पुनर्वास केंद्र—की तत्काल पहुंच और प्रभावी राहत कार्य आपके नेतृत्व में अपेक्षित हैं।

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