लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक) – श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में देवाधिदेव भगवान अनंतनाथ का ज्ञान कल्याणक एवं मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
भगवान अनंतनाथ का जीवन परिचय
प्रबंध समिति के महावीर प्रसाद पराणा और सन्तु जैन ने बताया कि भगवान अनंतनाथ जैन धर्म के 14वें तीर्थंकर हैं।
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जन्म: अयोध्या में इक्ष्वाकु वंश में
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पिता: राजा सिंहसेन
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माता: रानी सुयशा
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ज्ञान प्राप्ति: अशोक वृक्ष के नीचे
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मोक्ष: सम्मेद शिखर
वे ज्ञान, तप और करुणा के प्रतीक माने जाते हैं।
अभिषेक और पूजा-अर्चना
कार्यक्रम के दौरान शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में:
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मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा
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देव-शास्त्र-गुरु पूजा
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चौबीस तीर्थंकरों एवं भगवान अनंतनाथ की विशेष पूजा
आयोजित की गई।
श्रद्धालुओं ने किया पुण्य अर्जन
इस अवसर पर विभिन्न श्रद्धालु परिवारों द्वारा शांतिधारा की गई, जिनमें:
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मंजूलता जैन (सहारनपुर परिवार)
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रमेशचंद
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रौनक सर्राफ (जयपुर)
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पदमचंद
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पवन कुमार मंगल (बनेठा)
शाम को भक्तामर दीपार्चना का आयोजन भी किया गया, जिसे श्रेष्ठी परिवार एवं बुधवार भक्तामर मंडल बनेठा द्वारा संपन्न कराया गया।
मोक्ष और आत्मशुद्धि का संदेश
यह महोत्सव आत्मा की शुद्धि, कर्म बंधनों से मुक्ति और शाश्वत सुख (मोक्ष) की प्राप्ति का प्रतीक है।
यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने वाला रहा।


















































