लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (निर्मल गुप्ता)। श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र, सुथड़ा में जैन धर्म के द्वितीय तीर्थंकर भगवान अजितनाथ का जन्म कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रबंध समिति अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं बसंत जैन ने बताया कि भगवान अजितनाथ का जन्म अयोध्या में इक्ष्वाकुवंशीय राजपरिवार में हुआ था। उनके पिता राजा जितशत्रु एवं माता रानी विजया (विजयसेना) थीं। उन्होंने सांसारिक वैभव का त्याग कर वैराग्य मार्ग अपनाया तथा दीक्षा ग्रहण कर तीर्थंकर पद को प्राप्त किया।
मंगलाष्टक से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
महामहोत्सव का शुभारंभ शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ हुआ। इसके पश्चात नित्य अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न कराई गई। वार्षिक शांतिधारा का सौभाग्य रमेशचंद रौनक सर्राफ (जयपुर) को प्राप्त हुआ। वहीं पांडुशिला पर शांतिधारा रमेशचंद एवं नरेंद्र कुमार बनेठा द्वारा की गई।
विशेष पूजा एवं भक्तामर अनुष्ठान
इसके उपरांत देव-शास्त्र पूजा, चौबीसी भगवान, मूलनायक एवं भगवान अजितनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर जन्म कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं नरेंद्र जैन बनेठा ने जानकारी दी कि बुधवार सायं 6:00 बजे भक्तामर अनुष्ठान मंडल बनेठा द्वारा भक्तामर दीपार्चना भव्य एवं सानंद रूप से संपन्न की गई।
धर्म लाभ एवं संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया एवं भगवान अजितनाथ के उपदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प व्यक्त किया।










































