लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर।(प्रदीप कुमार डागा) सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिवशंकर व्यास ने नगर निकायों के अध्यक्ष, जिला परिषद के जिला प्रमुख तथा पंचायत समितियों के प्रधानों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य चुनाव आयुक्त तथा राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शिवशंकर व्यास ने अपने पत्र में कहा है कि जिस प्रकार विधायक और सांसद का चुनाव सीधे जनता के वोट से होता है, उसी प्रकार नगर निकाय अध्यक्ष, जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान का चुनाव भी आम मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष मतदान से कराया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का भी सुझाव दिया है।
व्यास का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में पार्षदों और निर्वाचित सदस्यों द्वारा अध्यक्ष, जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव किए जाने से खरीद-फरोख्त, राजनीतिक दबाव, दल-बदल और जनभावनाओं की उपेक्षा जैसी शिकायतें सामने आती हैं। उनका दावा है कि प्रत्यक्ष चुनाव होने पर जनता अपनी पसंद के योग्य, ईमानदार और जनसेवा के प्रति समर्पित प्रतिनिधि का चयन कर सकेगी, जिससे स्थानीय लोकतंत्र मजबूत होगा और निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे जनता के प्रति जवाबदेह रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराए जाएं तो सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की बचत होगी, जिसका उपयोग विकास कार्यों में किया जा सकेगा।
पत्र में व्यास ने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आगामी शहरी एवं ग्रामीण निकाय चुनावों में प्रत्यक्ष मतदान व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका मानना है कि इससे स्थानीय लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त बनेगी।
