Home latest सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रंग में रंगा कोटेश्वर महादेव मंदिर

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रंग में रंगा कोटेश्वर महादेव मंदिर

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

एलईडी स्क्रीन पर जीवंत हुए प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ के दर्शन

नितिन मेहरा, वरिष्ठ संवाददाता (अजमेर/जोधपुर)

अजमेर। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 के तहत हाथीखेड़ा स्थित श्री कोटेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार को जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भक्ति और श्रद्धा के माहौल में आयोजित किया गया। प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस पर्व ने पूरे मंदिर परिसर को शिवमय बना दिया।

मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमनाथ मंदिर में की गई विशेष पूजा और रुद्राभिषेक का लाइव प्रसारण रहा। विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री का संबोधन और पूजा-अर्चना का सीधा प्रसारण देखा।

गिरीश कुमार बचानी ने बताया कि राज्यव्यापी अभियान के तहत राजस्थान के सभी 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में यह विशेष आयोजन किया जा रहा है।

दुग्धाभिषेक और महाआरती से गूंजा मंदिर परिसर

कार्यक्रम के तहत सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया था। जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भगवान शिव का दुग्धाभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ट्रस्ट सदस्यों ने सामूहिक महाआरती कर देश की समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

“सोमनाथ भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक”

कार्यक्रम में मौजूद श्याम चरण देवाचार्य ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारतीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 11 जनवरी 2026 से 2027 तक चलने वाला यह स्वाभिमान पर्व नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

कार्यक्रम में देवी सिंह रावत, अनिल कुमार जोशी एवं विनोद कुमार शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक विधियां संपन्न हुईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक और भजनों में भाग लेकर आयोजन को भक्तिमय बना दिया।

यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का माध्यम भी बना।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version