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स्मार्ट मीटर विरोध में सहायक अभियंता कार्यालय के बाहर धरना

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

लोसल (सीकर) से ओम प्रकाश सैनी
 

विभिन्न मांगो को लेकर सौंपा ज्ञापन

वक्ताओं ने कहा सरकार पूंजीपत्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए आमजन के साथ कर रही है कुठाराघात

सीकर, लोसल l बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के विरोध में बुधवार को बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले सहायक अभियंता कार्यालय पर धरना देकर आम सभा की गई। सभा के दौरान धोद के पूर्व विधायक पेमाराम, किसान नेता भागीरथ नेतड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष रामेश्वर बाजिया, कांग्रेस नेता इस्माइल नागौरी, पूर्व सैनिक जमील कुरैशी, सागर खाचरियावास, कांग्रेस नेता मनोज सैनी‌ सहित कई वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पूंजीपत्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना लेकर आई है और बिजली का निजीकरण करने का काम कर रही है,जो किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।

आम उपभोक्ताओं को जागृत करने के लिए किसान सभा व बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर के नुकसान की जानकारी दी जाएगी और लोगों को जागरूक किया जाएगा,इसके बाद जिला व प्रदेश स्तर पर स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक तरफ तो एक पेड़ मां के नाम लगाने का काम कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जैसलमेर व बाड़मेर सहित पूरे प्रदेश में सोलर प्लांट लगाने के नाम पर 765 केवी की लाइन के टावर खड़े करने के लिए किसानों के खेतों से खेजड़ी सहित छायादार पेड़ उखाड़ रही है, वहीं किसानों की जमीनों को भी हड़पने का काम किया जा रहा है l धरना स्थल पर अधिशाषी अभियंता हेमराज वर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर स्मार्ट मीटर नहीं लगाने व बिजली का निजीकरण बंद करने सहित बिजली से संबंधित विभिन्न स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस मौके पर मोहन बाजिया, सांवरमल मंडीवाल, रामदेव लेगा‌‌ सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

शिक्षा व्यवस्था हो रही है जर्जर, मीटर लगा रहे स्मार्ट- नेतड़

सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता भागीरथ नेतड़ ने झालावाड़ व जैसलमेर के सरकारी स्कूलों में हुए हादसों को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को स्मार्ट बनाना चाहिए। सरकारी स्कूलों के भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिनमें मासूम बच्चों को जान गंवानी पड़ रही है। सरकार शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भवनों को स्मार्ट बनाने के बजाय गरीब आम जनता और किसानों पर स्मार्ट मीटर थोप रहीं है। जबकि शहरों, कस्बो व गली मोहल्लों में बिजली लाइनों का जाल बिछा हुआ है। लोगों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों को रोज बिजली विभाग कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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