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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व: सद्भाव और एकता का प्रतीक

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

रामधाम में चातुर्मास प्रवचन जारी, लक्ष्मीनारायण मंदिर में हुआ साप्ताहिक रामायण पाठ

 
रिपोर्ट: पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा

भीलवाड़ा। श्री राम धाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से हमीरगढ़ रोड स्थित राम धाम में चल रहे चातुर्मास प्रवचन के दौरान रविवार को परिव्राजकाचार्य स्वामी अच्युतानंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देता है।

प्रेम ही है ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग
स्वामी अच्युतानंद ने प्रवचन में कहा कि ईश्वर को वही प्राप्त कर सकता है, जो सबके प्रति प्रेमभाव रखता है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल सिख धर्म का ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता का मार्गदर्शक है। यह हमें सिखाता है कि सभी धर्मों और मतों का सार एक ही है — मानवता की सेवा और ईश्वर की प्राप्ति। उन्होंने इसे सनातनियों और सिख समुदाय दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

सद्भाव और भाईचारे का संदेश
स्वामीजी ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी हमें सिखाता है कि हम सबको करुणा, भाईचारे और एक-दूसरे के सम्मान के साथ जीवन जीना चाहिए। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हम ऐसा वातावरण बनाएं जहां सभी लोग प्रेमपूर्वक साथ रहें, क्योंकि ईश्वर की प्राप्ति केवल प्रेम से ही संभव है।

साप्ताहिक रामायण पाठ
ट्रस्ट के सचिव अभिषेक अग्रवाल एवं प्रवक्ता गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि रविवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में साप्ताहिक रामायण पाठ हुआ। पाठ प्रभारी शिव प्रकाश लाठी के नेतृत्व में भक्तों ने रामायण की चौपाइयों का सामूहिक गान, रामायण अंताक्षरी, हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अगला आयोजन
ट्रस्ट की ओर से आगामी रविवार राधा अष्टमी के अवसर पर साप्ताहिक रामायण पाठ नौगांवा सांवलिया सेठ मंदिर में आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न स्थानों से बसें भी चलाई जाएंगी।

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