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श्रम विरोधी नीतियों को लेकर अखिल भारतीय संयुक्त श्रमिक संघर्ष समिति ने किया विरोध-प्रदर्शन

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

राष्ट्रीय स्तर के आह्वान पर इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू एवं किसान सभा के साथियों ने रैली निकाल कर सौपा ज्ञापन

भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) अखिल भारतीय संयुक्त श्रमिक संघर्ष समिति के राष्ट्रीय स्तर के आह्वान पर इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू एवं किसान सभा के साथियों ने श्रम विरोधी नीतियों को लेकर मुखर्जी उद्यान से रैली निकाल कर राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन दिया गया जिसमें ईटंक यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक व्यास, महामंत्री कान सिंह, भेरू सिंह, सत्यनारायण सेन, नंदलाल गाडरी, गोपाल गुर्जर, शंकर लाल खोईवाल, मेवाराम, मोहम्मद हुसैन कुरैशी, गोपाल तेली, एटक यूनियन के कामरेड ओम प्रकाश शर्मा, शंकर लाल भील, रोडवेज यूनियन के साथी कामरेड जमील अहमद, मनोहर लाल शर्मा, भगवान सिंह, राजेंद्र सेन, पन्नालाल चौधरी, शराफत अली राजेन्द्र विश्नोई, सीटू यूनियन के प्रांतीय प्रतिनिधि ओमप्रकाश देवानी, मंजू आचार्य, पूजा विश्नोई, गीता नट, टेक्सटाइल यूनियन के जिलाध्यक्ष सोनू शर्मा, रामनिवास शर्मा, करण सिंह, वसीम मोहम्मद, नरेश मराठा, मेडिकल रिप्रजेन्टेटिव यूनियन के रामेश्वर लाल जाट, कपिल शर्मा, रामचन्द्र, जितेन्द्र शर्मा, रतनलाल, सद्दाम हुसैन, किसान सभा के कैलाश गहलोत आदि प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

श्रमिक संगठनों ने जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री महोदय को मांग-पत्र देकर श्रमिक विरोधी कानूनी संशोधन वापस लो, न्यूनतम मासिक मजदूरी 21000 रूपये करने, बैंक बीमा, बीएसएनएल, रेल्वे, बिजली व राज्य परिवहन निगम (रोड़वेज) का निजीकरण की नीतियां बन्द करने, निजी कारोबार में 100 प्रतिशत विदेशी पूंजी निवेश बन्द करने, महंगाई पर रोक लगाने, बैंकों का विलीनीकरण और रेलवे का निजीकरण बंद करने एवं 109 लाईनों पर निजी कोरपोरेटर के सानिध्य मंे रेल चलाने की अनुमति देने को बंद करने, कोयला खदानों का निजीकरण बन्द करने तथा निलामी रोकने तथा कोरपोरेट घरानों को एनपीए देना बंद कर उनसे वसूली सुनिश्चित करने, सम्मान कार्य के लिये सम्मान वेतन देने व ठेकाकरण बंद करने, महंगाई को कम करने तथा डीजल-पेट्रोल के दाम घटाने, केन्द्र सरकार द्वारा मौजूदा दौर में संघर्षरत किसान हितो के संबंधी में एमएसपी गारन्टी कानून बनाने व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की।

मुख्यमंत्री को दिये मांग-पत्र में श्रम विभाग में रिक्त पदों को तुरन्त भरने, बीओसीडब्ल्यू में श्रमिकों के वर्षों से लम्बित पड़े शुभ शक्ति योजना, छात्रवृति आवेदन व आवास योजना के आवेदनों को जो वर्षाे से लम्बित से पड़े है उनका समाधान करने, स्पीनफेड की बंद पड़ी गंगापुर-गुलाबपुरा मिलों को चालू करो व रोड़वेज कर्मचारियांे को 7वें वेतन का लाभ 2016 से देने, कमठाणा श्रमिकों को ओटीपी की समस्या से निजात दिलाने की भी मांग की। असंगठित क्षेत्र के कृषि मजदूर, घरेलू कामगार, गिग वर्कर, रिक्शा चालक, फेरीवाले आदि को सामाजिक सुरक्षा और रू. 9,000 प्रतिमाह न्यूनतम पेंशन देने की माँग की। साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा एनपीएस और यूपीएस को समाप्त करने की मांग भी दोहराई गई।

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