लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्रतापगढ़। ग्राम विकास अधिकारी शंकरलाल मीणा की संदिग्ध मौत ने राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संगठन को झकझोर कर रख दिया है। दो दिनों से सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर संगठन ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि “मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टतंत्र द्वारा की गई जघन्य हत्या” बताया है। इसी के विरोध में मंगलवार को प्रतापगढ़ जिला परिषद मुख्यालय पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
“यह केवल शंकरलाल की नहीं, व्यवस्था की संवेदनहीनता की हत्या है” — संगठन
संगठन के प्रदेश प्रतिनिधि अब्दुल हकीम मंसूरी ने कहा कि
“हमारे साथी शंकरलाल मीणा की मौत एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता की हत्या है। कोई अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो—यदि वह हमारे साथियों को प्रताड़ित करेगा, तो संगठन निर्णायक संघर्ष करेगा।”
श्रद्धांजलि सभा और विरोध प्रदर्शन
जयपुर संगठन के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राव के नेतृत्व में दो चरणों में कार्यक्रम हुआ—
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श्रद्धांजलि एवं संकल्प सभा, जिसमें सभी ग्राम विकास अधिकारियों ने दिवंगत साथी की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा।
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विरोध प्रदर्शन, जिसमें दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
इसके बाद जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्वत सिंह को मुख्यमंत्री व मंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
काली पोशाक पहनकर दर्ज कराया विरोध
संगठन के निर्देशानुसार—
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पुरुष अधिकारियों ने काली टी-शर्ट/काली शर्ट
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महिला अधिकारियों ने काली साड़ी/सूट
पहनकर विरोध दर्ज करवाया।
इसे संगठन ने “अन्याय के विरुद्ध एकजुटता और न्याय की पुकार का प्रतीक” बताया।
राज्यभर से भेजी गई महत्वपूर्ण सूचनाएँ
संगठन की प्रतिनिधि सभा की VC में लिए गए निर्णयों के तहत, आज राज्य के सभी जिलों से जिला मंत्री सिद्धार्थ बैरागी द्वारा निम्न बिंदुओं की जानकारी सरकार को भेजी गई—
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वर्ष 2023 बैच के ग्राम विकास अधिकारियों के नियमितीकरण के लंबित प्रकरण
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जिन अधिकारियों को अब तक पंचायत का चार्ज नहीं मिला है
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प्रोबेशन अवधि में लंबित अवकाश स्वीकृति प्रकरणों का विवरण
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वर्तमान में निलंबित अथवा एपीओ अधिकारियों की सूची
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राज्य सरकार के प्रतिबंध (दिनांक 15.01.2025) के बावजूद पंचायत समितियों/जिला परिषदों द्वारा किए गए स्थानांतरण आदेशों की जानकारी
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक साथी के न्याय के लिए नहीं, बल्कि हर उस ग्राम विकास अधिकारी की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई है, जिसे अपनी ड्यूटी निभाते समय अनुचित दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राव, जिला महामंत्री सिद्धार्थ बैरागी, प्रदेश प्रतिनिधि अब्दुल हकीम मंसूरी, जिला कोषाध्यक्ष दिलीप मीणा, ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य तथा जिले के सभी ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहे।











































