लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विद्यार्थियों ने सामूहिक वाचन कर लिया लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
पादूकलां। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को संविधान दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में विभिन्न शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को संविधान की मूलभावना से अवगत कराया गया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सपना चौधरी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संजूलता, मांगीलाल, जगदीशराम, मनीष कुमार और प्रियदर्शी चौधरी ने संविधान की उद्देशिका, बाल अधिकार, मूल कर्तव्यों तथा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को संविधान शपथ शिक्षक गोपीचंद पारीक द्वारा दिलाई गई।
विद्यालय में संविधान अवधारणा, संविधान निर्माण प्रक्रिया, प्रस्तावना वाचन, भाषण प्रतियोगिता तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रधानाचार्य सपना चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि “भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ और 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जहां अधिकार जरूरी हैं, वहीं कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन भी आवश्यक है।”
इसी प्रकार सथानाकलां में भी संविधान दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर संविधान निर्माता को नमन किया गया।
प्रधानाचार्य रुघाराम राड एवं धर्माराम तेतवाल ने संविधान के इतिहास, निर्माण प्रक्रिया और महत्व पर प्रकाश डाला। पोस्टर, निबंध, वाद-विवाद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।
विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रस्तावना वाचन कर देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




















































