लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक) – राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी, संभागीय अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों की संयुक्त संगठनात्मक बैठक जयपुर में प्रदेशाध्यक्ष हरसहाय यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद के निर्देशन में ओबीसी की अति पिछड़ी और छोटी जातियों को संगठन से जोड़ने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावों में ओबीसी कांग्रेस पदाधिकारियों को महत्व देना ही सत्ता में वापसी की दिशा तय करेगा। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में ओबीसी कांग्रेस के लगभग 2500 पदाधिकारी भाग लेंगे।
बैठक के मुख्य अतिथि और प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जुली ने कहा कि वे ओबीसी समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे। ओबीसी पदाधिकारियों के सम्मान में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं विधायक डूंगरराम गेदर ने महापुरुषों की जीवनियों को पढ़ने पर बल दिया, जिससे संघर्ष और सकारात्मक सोच की प्रेरणा मिलती है।
ओबीसी प्रभारी मनीष यादव ने कहा कि ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई राहुल गांधी लड़ रहे हैं और सभी को संगठनात्मक रूप से मजबूत होकर उनका समर्थन करना चाहिए।
संगठन महामंत्री ललित कुमार तुनवाल ने बताया कि ओबीसी के जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठकों में शामिल करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ओबीसी राष्ट्रीय नेता राजेन्द्र सेन ने कहा कि राहुल गांधी “जिसकी जितनी संख्या, उतनी भागीदारी” के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं।
मंच संचालन प्रदेश महामंत्री सागर मावर ने किया। बैठक में पीसीसी महासचिव ताराचंद, मोती बाबा सांखला, अनुभव चंदेल, अमित कदासरा, अजय सिंह महुआ, हरि शंकर जांगिड़, डॉ. नरेन्द्र मेहरा, सुमन चौधरी, पंकज यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, संभाग अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।


















































