लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर में ‘नेटवर्क 10 संत संसद’ कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संतों का जीवन विश्व कल्याण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित होता है। संतों के सानिध्य से व्यक्ति अपने जीवन और कर्मों को सार्थक दिशा में ले जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री रविवार को जयपुर में आयोजित नेटवर्क 10 के ‘संत संसद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजकीय मंदिरों में वर्षभर भव्य धार्मिक आयोजनों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं। इसके साथ ही पुजारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। पूंछरी का लौठा, खाटूश्याम जी और तीर्थराज पुष्कर सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर कार्य प्रगति पर है।
इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार ‘कृष्ण गमन पथ’ के माध्यम से सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
गौ संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान
मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण और संवर्धन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि गोशालाओं में गायों के लिए प्रतिदिन 50 रुपये तथा बछड़ों के लिए 25 रुपये का चारे हेतु अनुदान दिया जा रहा है।
इसके अलावा गोशालाओं में टीनशेड, पेयजल और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी कदम उठाए गए हैं।
जनप्रतिनिधि और संत समाज की उपस्थिति
इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक कुलदीप धनकड़, बालमुकुंदाचार्य, मेहंदीपुर बालाजी महंत 1008 नरेश पुरी महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु-संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















































