लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
विनोद सेन, भीलवाड़ा|
भीलवाड़ा। संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में भीलवाड़ा से लोकसभा सांसद दामोदर अग्रवाल ने अपनी प्रभावी मौजूदगी और सार्थक हस्तक्षेप से क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती से उठाया। सदन में 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराते हुए उन्होंने न केवल भीलवाड़ा बल्कि राजस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
सांसद प्रवक्ता विनोद झूरानी ने बताया कि सांसद दामोदर अग्रवाल ने शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 25 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जो उनकी संसदीय सक्रियता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने विकास, आधारभूत सुविधाओं, जनकल्याण योजनाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिससे क्षेत्रीय समस्याओं पर सरकार का ध्यान केंद्रित हुआ।
सत्र के दौरान सांसद अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत तीन निजी विधेयक विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें
विधेयक संख्या 118 (2024) — राजस्थान में वृक्षों के भू-मानचित्रण हेतु विशेष वित्तीय सहायता,
विधेयक संख्या 121 (2024) — हिंदू धार्मिक उपासना स्थलों के आसपास मांसाहारी गतिविधियों पर प्रतिबंध,
और विधेयक संख्या 134 (2024) — राजस्थान में प्राचीन स्मारकों एवं पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष वित्तीय सहायता शामिल हैं।
इसके साथ ही सांसद अग्रवाल ने चार बार बहसों में भाग लेते हुए जनहित के विषयों पर तथ्यात्मक एवं संतुलित दृष्टिकोण रखा। उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें संसद में सकारात्मक और प्रभावी सांसदों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है।
स्थानीय नागरिकों और समर्थकों ने उनकी इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सांसद अग्रवाल निरंतर संसद के माध्यम से भीलवाड़ा की अपेक्षाओं और जरूरतों को मजबूती से राष्ट्रीय मंच पर रख रहे हैं।
सांसद दामोदर अग्रवाल का शीतकालीन सत्र रिपोर्ट कार्ड (1 से 19 दिसंबर 2025):
-
सदन में उपस्थिति : 100%
-
बहसों में भागीदारी : 04 बार
-
कुल प्रश्न : 25
-
निजी विधेयक प्रस्तुत : 03
-
कुल सक्रिय भागीदारी : 32
कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र में सांसद दामोदर अग्रवाल की प्रभावी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि सजग और सक्रिय जनप्रतिनिधि संसद को वास्तव में जनआवाज़ का सशक्त मंच बना सकते हैं।
