लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
शहर में रविवार को कटलागेट स्थित धर्मशाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व पाथेयकण पत्रिका के संरक्षक माणकचंद जी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड उनियारा की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित स्वयंसेवकों ने मानक जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिवंगत माणक चंद जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वो पारस पत्थर है जिनके संपर्क में आने से ही आने वाले का जीवन कुंदन बन जाता है। ऐसे ही महान अनथक योद्धा मानक जी ब्रह्मलीन हो गए।
वह अपने जीवन के मधुर प्रेरणादायक संस्मरण छोड़ गए हैं। संघ सेवक व समाजसेवी बलभद्र सिंह ने बताया कि जब भी मिलते केवल स्थान का नाम बताते ही पूरा नाम सहित पुकार लेना ऐसी अद्भुत स्मरण के धनी रहे हैं। सदा एक झोला, झोले में पाथेयकण का अंक और मिश्री व काली मिर्च रखते थे। भेंट होते ही पाथेयकण देते और प्रसाद देते। उनकी जीवनी के बारे में बताते हुए कहा कि 60 वर्ष के अनवरत प्रचारक जीवन में उन्होंने कई पड़ाव पार किए। कई तत्कालीन सरकारी प्रतिबंधों के साक्षी बने। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने नम आंखों से श्रद्धा सुमन अर्पण किये। इस अवसर पर उनियारा सहित बाजोलिया,डाबला,रामपुरा,पचाला,पलाई सहित कई गांवों के स्वयंसेवक उपस्थित थे।


















































