लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
कजोड़ गुर्जर ब्यूरो चीफ
टोंक । जेल से रिहा होते ही नरेश मीणा समरावता गांव पहुंचे इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे नरेश मीणा ने ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समरावता गांव ने मुझे बेटा माना है तो मैं बेटे का फर्ज निभाउंगा समरावता ने मुझे एक तरह से पुनर्जन्म दिया है जिसे मैं कर्ज कभी नहीं छुपा सकता इसलिए मैं जेल से रिया होने के बाद सीधा यहां आया हूं यहां की जमीन को चुम्मा है यहां के ग्रामीणों का आशीर्वाद लिया है सबको धन्यवाद दिया है।
कोर्ट के आदेशों की पालना
दरअसल राजस्थान हाई कोर्ट ने नरेश मीणा को रिहा करते समय कुछ शर्ते लगाई है। जिसके अनुसार नरेश मीणा न तो कोई सभा कर सकते ,न ही कोई जुलूस निकाल सकते, उन्हें हर महीने 25 तारीख को अपनी उपस्थिति भी रजिस्टर में कोर्ट में जाकर दर्ज करानी होगी। इसीलिए नरेश मीना ने आज सभी से माफी मांगते हुए न तो सफा पहनना,न ही माला पहनी और आज से उन्होंने नंगे पैर रहना भी शुरू कर दिया है। हालांकि उन्होंने नंगे पैर रहना शुरू क्यों किया, इसका खुलासा नहीं किया, बोले कि जल्दी ही मीडिया से बातचीत करूंगा फिर बताऊंगा यह प्रण क्यों लिया है? नरेश मीणा समरावता गांव के बाद जोधपुरिया धाम गए।









































