रामगोपाल जाट ने की मुख्यमंत्री से पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग

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बदसलूकी, अपहरण और गैर कानूनी कार्रवाई  का मामला

जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस के द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ बदसलूकी, अपहरण और गैर कानूनी कार्यवाही करने का मामला सामने आया है। पत्रकार रामगोपाल जाट ने पिंक सिटी प्रेस क्लब में पत्रकारों को बताया कि 19 फरवरी को सुबह करीब पौने 6 बजे एक दर्जन से अधिक लोगों ने जबरन उनके घर में घुसकर गाली—गलौच की, मोबाइल छीन लिया, परिजनों के साथ बदसलूकी की और उनका अपहरण कर लिया। सादा वर्दी में आए लोगों ने खुद को पुलिस वाले बताया, जबकि अलग—अलग थानों के होने की बात कही, कोई आई कार्ड नहीं दिखाया। उनका मोबाइल छीन लिया, चप्पल तक नहीं पहनने दीं। घर से उठाने के बाद एक किलोमीटर तक पैदल ले जाकर गाड़ी में बैठाया और दूसरे रास्ते से सांगानेर सदर थाने ले गये, जहां एक रजिस्टर में नाम की एंट्री करने के बाद सादा वर्दी वाले चार जनों के साथ भेज दिया गया। वो लोग निजी वाहन से कमिश्नरेट ले गये, जिसे संजय कुमार नामक व्यक्ति चला रहे थे। साइबर थाने में खुद को एसीपी चंद्रप्रकाश चौधरी बताने वाले से परिचय करवाया, जो शॉर्ट और टी शर्ट में बैठे थे। दिनभर वहीं रखा, सुबह का खाना 3 बजे बाद दिया गया। इस दौरान एक नोटिस जैसे कागज पर जबरन साइन करवाए गये, उसे पढ़ने नहीं दिया। रामगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ खबरें नहीं लिखने के लिए धमकाया गया और  जातिसूचक गालियां दी गई।
रामगोपाल ने  सीएम शर्मा से ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने  और मामले की न्यायिक जांच करने की मांग की।  पत्रकारों के साथ आए दिन होने वाले इस तरह के घटनाक्रम पर रोक लगनी चाहिये। सरकार को चाहिए कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए और ऐसा करने वाले पुलिस वालों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाए।  रामगोपाल ने कहा है कि उनको व उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए। सरकार सुरक्षा मुहैया करवाए। हालांकी  पुलिस ने   रामगोपाल की गिरफ्तारी के दिन इस बात का दावा किया था कि उन्हें सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जबकि  रामगोपाल ने किसी भी तरह का वीडियो अपलोड करने से इंकार किया है।

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