लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में पवित्र रमजान माह के दौरान शनिवार को मुस्लिम समुदाय ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। इस अवसर पर मदीना मस्जिद और नूरानी मस्जिद में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ी।
नमाज अदा करने के बाद इमामों ने तकरीर पेश करते हुए रोजे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह की रहमत और बरकत का महीना है, जिसमें किए गए नेक कार्यों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। रोजा इंसान को सब्र, संयम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
अकीदतमंद सदाम रंगरेज व जावेद कुरैशी (टेलर) ने बताया कि बच्चों में भी रमजान को लेकर खासा उत्साह है। सुबह जल्दी उठकर शादियां बानू (9 वर्ष) और नसरीन बानू (10 वर्ष), पुत्रियां जावेद कुरैशी, निवासी पादूकलां ने सेहरी कर उत्साहपूर्वक रोजा रखा। वहीं ग्राम मांडल जौधा निवासी अनिसा बानू (8 वर्ष), पुत्री मुस्ताक ने भी पहला रोजा रखकर इबादत की।
रमजान माह को लेकर कस्बे में धार्मिक माहौल बना हुआ है तथा मस्जिदों में तरावीह और तिलावत-ए-कुरआन का सिलसिला जारी है।