लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
चातुर्मास का समय मानव के लिए आत्म सुधार और आध्यात्मिक विकास का समय: संत हरशुकराम रामस्नेही
भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा पीठ के संत हरशुकराम रामस्नेही (ताल वालों) ने राम द्वारा माणिक्य नगर भीलवाड़ा में आज चातुर्मास शुभारंभ पर प्रवचन माला का मंगलाचरण किया। इस अवसर पर रामसनेही भक्तजनों द्वारा राम द्वारा संत निवास से पुस्तक जी की शोभायात्रा निकाली गई जो बारादरी की परिक्रमा कर मंच पर विराजित कर चातुर्मास प्रवचन माला का श्री गणेश किया। आज की प्रवचन माला में सर्वप्रथम पधारे हुए सभी संत जनों का रामनिवास धाम ट्रस्ट, रामद्वारा सत्संगी जनों एवं भक्त जनों द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया गया।
स्थानीय भंडारी संत खुशीराम के सानिध्य में संत जयराम दास ने सत्संग की शुरुआत की, उन्होंने सत्संग, सुमिरन, ओर राम नाम महत्व बताते हुए रामद्वारा धाम भीलवाड़ा पर प्रतिदिन होने वाले दैनिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। चातुर्मास में प्रवचन एवं सत्संग का श्रवण कराने के लिए ताल रामद्वारा मध्य प्रदेश से आए रामस्नेही संप्रदाय के संत हरशुक राम रामस्नेही ने कहा कि चातुर्मास का समय मानव जीवन के लिए साधना का समय है, इस दौरान भजन, सुमरण, सेवा और साधना का संकल्प लेकर संयमित जीवन जीने का पर्व है।












































