लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज विश्व के अपराजेय योद्धा थे। उन्होंने निरंतर युद्ध लड़े, मुगल और आदिलशाही सल्तनत को चुनौती दी और मातृभूमि के प्रति समर्पित होकर कार्य किया।
राज्यपाल ने शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों, उनके पिता शाहजी, माता जीजाबाई, रण कौशल और साहसिक उपलब्धियों का विवरण साझा किया। उन्होंने अफजल खान के साथ प्रतापगढ़ की घटना, बीजापुर के आदिलशाही साम्राज्य पर विजय और कोंकण-पुणे के किलों पर कब्जा जैसे उदाहरणों से युवाओं को प्रेरित किया।
बागडे ने राजस्थान की शौर्य धरा का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेकिंग झील के तट पर शिवाजी महाराज की घोड़े पर सवार प्रतिमा स्थापित की गई है, जो सैनिकों को जोश और प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के कुलगुरु आनंद राव भाले ने शिवाजी महाराज के युद्ध कौशल और वीरता पर मुख्य वक्तव्य दिया। राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु अल्पना कटेजा ने स्वागत भाषण दिया।

















































