लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
39 हजार किलो प्लास्टिक कचरा संग्रहित
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा चलाए गए “प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026” को प्रदेशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 16 फरवरी से 28 फरवरी तक चले इस अभियान में लाखों लोगों ने भागीदारी निभाई।
अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
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अभियान में 18 लाख 61 हजार से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की।
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पूरे प्रदेश से करीब 39 हजार किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया।
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एकत्रित प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण से लगभग 2 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ।

जनभागीदारी से बना जनआंदोलन
मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप इस अभियान में ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, महिला समूहों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाना और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
ग्राम पंचायतों में आयोजित हुई विभिन्न गतिविधियां
अभियान के दौरान प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में कई गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें शामिल हैं:
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सार्वजनिक स्थलों, जल स्रोतों और बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान
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स्वच्छता रैलियां और श्रमदान
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विद्यालयों में पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताएं
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दुकानदारों के साथ संवाद और कचरा पृथक्करण के लिए जागरूकता कार्यक्रम
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महिलाओं को जागरूक करने और बर्तन बैंक को प्रोत्साहित करने की पहल
प्लास्टिक मुक्त राजस्थान का संकल्प
अभियान के दौरान कई स्थानों पर सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए जागरूकता के साथ जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने प्लास्टिक कचरा मुक्त वातावरण बनाए रखने और कचरा पृथक्करण अपनाने की शपथ ली।
राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के जनभागीदारी आधारित अभियानों से प्रदेश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता मजबूत होगी और राजस्थान स्वच्छ व हरित भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।


















































